📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Avrajyoti Mitra
अपराध
HC ने ACB को SBI अधिकारियों के खिलाफ ₹40 लाख रिश्वत मामले में FIR दर्ज करने का निर्देश दिया
✍️ The Times of India
🗓 15 अक्टू. 2026, 10:31 PM
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दिल्ली हाई कोर्ट ने एसीबी को एसबीआई अधिकारियों के खिलाफ ₹40 लाख की रिश्वत के आरोप में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को एंटी‑करप्शन ब्यूरो (ACB) को एसबीआई के कुछ अधिकारियों के खिलाफ लगभग ₹40 लाख की रिश्वत के आरोप में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया। यह आदेश एक शिकायत पर आधारित है, जिसमें कहा गया है कि इन अधिकारियों ने एक निजी कंपनी को लाभ पहुँचाने के बदले रिश्वत ली।
कोर्ट ने कहा कि इन आरोपों को औपचारिक आपराधिक जांच का पात्र माना जाना चाहिए और ACB को बिना किसी देरी के FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही, जांच की प्रगति के बारे में कोर्ट को सूचित रखने को भी कहा गया।
एसबीआई ने अभी तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, जबकि ACB ने कोर्ट के निर्देशानुसार जांच आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है। यह मामला सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भ्रष्टाचार की चिंताओं को फिर से उजागर करता है और इस प्रकार की शिकायतों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका को भी रेखांकित करता है।
हाई कोर्ट का यह आदेश यह दर्शाता है कि वित्तीय दुराचार के आरोप उभरने पर न्यायपालिका हस्तक्षेप करने को तैयार है, ताकि उचित प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता का दंडात्मक कार्यवाही हो सके।
कोर्ट ने कहा कि इन आरोपों को औपचारिक आपराधिक जांच का पात्र माना जाना चाहिए और ACB को बिना किसी देरी के FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही, जांच की प्रगति के बारे में कोर्ट को सूचित रखने को भी कहा गया।
एसबीआई ने अभी तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, जबकि ACB ने कोर्ट के निर्देशानुसार जांच आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है। यह मामला सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भ्रष्टाचार की चिंताओं को फिर से उजागर करता है और इस प्रकार की शिकायतों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका को भी रेखांकित करता है।
हाई कोर्ट का यह आदेश यह दर्शाता है कि वित्तीय दुराचार के आरोप उभरने पर न्यायपालिका हस्तक्षेप करने को तैयार है, ताकि उचित प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता का दंडात्मक कार्यवाही हो सके।