📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jaggery
बिज़नेस
हरियाणा-यूके व्यापार पुल से निर्यातकों को सीईटीए के तहत नई संभावनाएँ
✍️ Asian Community News
🗓 11 सित. 2026, 10:48 AM
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हरियाणा सरकार ने यूके के साथ व्यापार पुल का शुभारम्भ किया, जिससे स्थानीय निर्यातकों को सीईटीए के तहत नई संभावनाएँ मिलेंगी।
हरियाणा सरकार ने गुरुवार को यूनाइटेड किंगडम के साथ एक नया व्यापार पुल आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया, जिससे सीईटीए (Comprehensive Economic and Trade Agreement) के तहत स्थानीय निर्यातकों को यूके बाजार से जोड़ने का रणनीतिक कदम उठाया गया। यह कार्यक्रम राज्य के व्यापार और वाणिज्य मुख्यालय में आयोजित किया गया और इसमें हरियाणा के उद्योग और वाणिज्य विभाग के अधिकारी तथा यूके के अंतरराष्ट्रीय व्यापार विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
व्यापार पुल का उद्देश्य हरियाणा के विविध निर्यात क्षेत्रों – कृषि, वस्त्र और मशीनरी – के लिए बाजार पहुँच को सरल बनाना है। सीईटीए की प्रावधानों के साथ संरेखित होकर, निर्यातक कम शुल्क, कुछ वस्तुओं के लिए शून्य शुल्क प्रवेश और सरल कस्टम प्रक्रियाओं से लाभ उठा सकते हैं, जिससे यूके बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल व्यापार मिशन, व्यवसाय मिलान और क्षमता‑निर्माण कार्यशालाओं के लिए एक संरचित मंच उपलब्ध कराएगी। निर्यात वित्तपोषण, बाज़ार बुद्धिमत्ता और नियामक मार्गदर्शन जैसी सहायता सेवाएँ आने वाले महीनों में शुरू की जाएंगी।
यूके के प्रतिनिधिमंडल ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया और यह आशा व्यक्त की कि यह सहयोग भारतीय और ब्रिटिश दोनों व्यवसायों के लिए नई संभावनाएँ खोलेगा। यह लॉन्च हरियाणा और यूनाइटेड किंगडम के बीच निवेश प्रवाह और गहरी आर्थिक संबंधों के लिए उत्प्रेरक के रूप में देखा जा रहा है।
व्यापार पुल का उद्देश्य हरियाणा के विविध निर्यात क्षेत्रों – कृषि, वस्त्र और मशीनरी – के लिए बाजार पहुँच को सरल बनाना है। सीईटीए की प्रावधानों के साथ संरेखित होकर, निर्यातक कम शुल्क, कुछ वस्तुओं के लिए शून्य शुल्क प्रवेश और सरल कस्टम प्रक्रियाओं से लाभ उठा सकते हैं, जिससे यूके बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल व्यापार मिशन, व्यवसाय मिलान और क्षमता‑निर्माण कार्यशालाओं के लिए एक संरचित मंच उपलब्ध कराएगी। निर्यात वित्तपोषण, बाज़ार बुद्धिमत्ता और नियामक मार्गदर्शन जैसी सहायता सेवाएँ आने वाले महीनों में शुरू की जाएंगी।
यूके के प्रतिनिधिमंडल ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया और यह आशा व्यक्त की कि यह सहयोग भारतीय और ब्रिटिश दोनों व्यवसायों के लिए नई संभावनाएँ खोलेगा। यह लॉन्च हरियाणा और यूनाइटेड किंगडम के बीच निवेश प्रवाह और गहरी आर्थिक संबंधों के लिए उत्प्रेरक के रूप में देखा जा रहा है।