📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Daniel VILLAFRUELA
अपराध
हरियाणा टैक्स ट्रिब्यूनल ने 85.93 लाख वाले करदाता को दूसरा मौका, 500 पेड़ लगाने का आदेश
✍️ livemint.com
🗓 22 अग. 2026, 05:36 AM
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हरियाणा के टैक्स ट्रिब्यूनल ने 85.93 लाख जमा करने वाले करदाता को दंड से बचने के लिये 500 पेड़ लगाने का निर्देश दिया, जिससे उन्हें ‘एक और मौका’ मिला।
हरियाणा के टैक्स ट्रिब्यूनल ने 2016 के नोटबंदी दौर में जमा किए गए 85.93 लाख रुपये के मामले में हस्तक्षेप किया। यह राशि कर अधिकारियों द्वारा संभावित उल्लंघन के रूप में जांच के दायरे में थी।
ट्रिब्यूनल ने करदाता को दंड से बचने के लिये 500 पेड़ लगाने की शर्त पर ‘एक और मौका’ दिया। इस शर्त के तहत करदाता को भारी जुर्माना लागू होने से बचाया जा रहा है, जो अनजाने नकदी जमा को लेकर लगाया जा सकता था।
यह निर्णय दंडात्मक उपायों को पर्यावरणीय पहल के साथ मिलाकर कर अनुपालन सुनिश्चित करने की कोशिश को दर्शाता है। यह अन्य करदाताओं को भी संकेत देता है कि समुदाय‑हितैषी परियोजनाओं को दंड के विकल्प के रूप में माना जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश असामान्य है, पर यह नोटबंदी‑युग के कर विवादों में न्यायालयों द्वारा संतुलित समाधान खोजने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
भविष्य में यदि कोई और गैर‑अनुपालन पाया गया तो भारतीय कर कानून के तहत पारम्परिक दंड लागू हो सकता है।
ट्रिब्यूनल ने करदाता को दंड से बचने के लिये 500 पेड़ लगाने की शर्त पर ‘एक और मौका’ दिया। इस शर्त के तहत करदाता को भारी जुर्माना लागू होने से बचाया जा रहा है, जो अनजाने नकदी जमा को लेकर लगाया जा सकता था।
यह निर्णय दंडात्मक उपायों को पर्यावरणीय पहल के साथ मिलाकर कर अनुपालन सुनिश्चित करने की कोशिश को दर्शाता है। यह अन्य करदाताओं को भी संकेत देता है कि समुदाय‑हितैषी परियोजनाओं को दंड के विकल्प के रूप में माना जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश असामान्य है, पर यह नोटबंदी‑युग के कर विवादों में न्यायालयों द्वारा संतुलित समाधान खोजने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
भविष्य में यदि कोई और गैर‑अनुपालन पाया गया तो भारतीय कर कानून के तहत पारम्परिक दंड लागू हो सकता है।