📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
बिज़नेस
हरियाणा ने एमएसएमई क्लियरेंस समय को 15 दिन तक घटाने के लिए नया कानून पारित किया
✍️ theprint.in
🗓 23 सित. 2026, 04:31 AM
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हरियाणा सरकार ने माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज़ (एमएसएमई) के लिए मंजूरी प्रक्रिया को 15 दिनों तक सीमित करने वाला नया कानून पेश किया, जिससे लंबी प्रतीक्षा समाप्त होगी।
राज्य कैबिनेट ने एक व्यावसायिक सुधार विधेयक को मंजूरी दी, जिसमें सभी माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज़ (एमएसएमई) के क्लियरेंस को 15 कैलेंडर दिनों के भीतर पूरा करने का आदेश दिया गया है। यह कदम उन मौजूदा प्रक्रियाओं को बदलने के लिए है, जहाँ मंजूरी अक्सर कई महीनों तक खिंचती थी और छोटे व्यवसायों की प्रगति में बाधा बनती थी।
नए नियम के तहत, विभागों को अनुमति देना या औपचारिक अस्वीकृति जारी करना अनिवार्य है, और अनावश्यक देरी की स्थिति में त्वरित समीक्षा की व्यवस्था भी की गई है। अनुपालन की निगरानी और शिकायत निपटारे के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि तेज़ प्रक्रिया निवेश को आकर्षित करेगी, रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करेगी और हरियाणा को उद्यमियों के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी। यह विधेयक अगले वित्तीय वर्ष के पहले दिन से लागू होगा, जिससे विभागों को 15‑दिन नियम के अनुसार अपनी कार्यविधि समायोजित करने का छोटा संक्रमण काल मिलेगा।
नए नियम के तहत, विभागों को अनुमति देना या औपचारिक अस्वीकृति जारी करना अनिवार्य है, और अनावश्यक देरी की स्थिति में त्वरित समीक्षा की व्यवस्था भी की गई है। अनुपालन की निगरानी और शिकायत निपटारे के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि तेज़ प्रक्रिया निवेश को आकर्षित करेगी, रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करेगी और हरियाणा को उद्यमियों के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी। यह विधेयक अगले वित्तीय वर्ष के पहले दिन से लागू होगा, जिससे विभागों को 15‑दिन नियम के अनुसार अपनी कार्यविधि समायोजित करने का छोटा संक्रमण काल मिलेगा।