📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SpeakingArch
शिक्षा
हरियाणा ने चार जीएमसी को MBBS मूल दस्तावेज़ जारी करने का आदेश दिया
✍️ Medical Dialogues
🗓 01 नव. 2026, 12:16 AM
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हरियाणा सरकार ने चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों को MBBS स्नातकों के मूल प्रमाणपत्र और ट्रांसक्रिप्ट जारी करने का निर्देश दिया है, क्योंकि देरी की शिकायतें आई हैं।
नई दिल्ली – हरियाणा राज्य सरकार ने चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों (जीएमसी) को निर्देश जारी किया है कि वे MBBS स्नातकों के मूल शैक्षणिक दस्तावेज़, जैसे प्रमाणपत्र, अंकपत्र और पंजीकरण पत्र, तुरंत प्रदान करें। यह आदेश स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक परिपत्र के माध्यम से प्रसारित किया गया है।
स्नातकों ने बताया कि उनके मूल दस्तावेज़ कई महीनों से रोके जा रहे हैं, जिससे NEET‑PG 2026 जैसे पोस्ट‑ग्रेजुएट प्रवेश परीक्षा में भाग लेने में बाधा उत्पन्न हो रही है। सरकार ने कहा कि इस कदम से दस्तावेज़ों की देरी समाप्त होगी और डॉक्टरों को मेडिकल काउंसिल ऑफ़ इंडिया में पंजीकरण करने तथा आगे की पढ़ाई के लिए आवेदन करने में सुविधा होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि कॉलेजों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी दस्तावेज़ सौंपने होंगे और एक निगरानी समिति इस प्रक्रिया की जाँच करेगी। यदि कोई संस्थान आदेश का पालन नहीं करता, तो प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
छात्र संघों सहित कई हितधारकों ने इस निर्णय का स्वागत किया, इसे हरियाणा के युवा डॉक्टरों के करियर को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम बताया।
स्नातकों ने बताया कि उनके मूल दस्तावेज़ कई महीनों से रोके जा रहे हैं, जिससे NEET‑PG 2026 जैसे पोस्ट‑ग्रेजुएट प्रवेश परीक्षा में भाग लेने में बाधा उत्पन्न हो रही है। सरकार ने कहा कि इस कदम से दस्तावेज़ों की देरी समाप्त होगी और डॉक्टरों को मेडिकल काउंसिल ऑफ़ इंडिया में पंजीकरण करने तथा आगे की पढ़ाई के लिए आवेदन करने में सुविधा होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि कॉलेजों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी दस्तावेज़ सौंपने होंगे और एक निगरानी समिति इस प्रक्रिया की जाँच करेगी। यदि कोई संस्थान आदेश का पालन नहीं करता, तो प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
छात्र संघों सहित कई हितधारकों ने इस निर्णय का स्वागत किया, इसे हरियाणा के युवा डॉक्टरों के करियर को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम बताया।