📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SpeakingArch
देश
हरियाणा ने एनसीआर में ग्रैप से पहले प्रदूषण नियंत्रण के उपायों का आदेश दिया
✍️ India Today
🗓 16 अक्टू. 2026, 12:47 AM
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हरियाणा सरकार ने ग्रैप के लागू होने से पहले एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को लागू करने का आदेश दिया है।
नई दिल्ली – हरियाणा सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि वह ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के लागू होने से पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में कई पूर्व‑सक्रिय प्रदूषण नियंत्रण उपाय लागू करेगी। यह कदम उन लगातार बढ़ते वायु‑प्रदूषण चेतावनियों के बाद उठाया गया है, जिनमें शीतकाल में कण स्तर में तेज़ी से वृद्धि देखी गई है।
आदेश में निर्माण धूल को कम करने, वाहन उत्सर्जन को सीमित करने और हरियाणा के अधीनस्थ NCR जिलों जैसे गुड़गांव और फरीदाबाद में कुछ औद्योगिक गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने दिल्ली सरकार और पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय करके एक समान नीति अपनाने का भी उल्लेख किया।
कार्यान्वयन अगले 48 घंटों के भीतर शुरू होगा और अनुपालन की निगरानी के लिए नियमित जांच की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रारंभिक कदम कण पदार्थ (PM2.5) के स्तर को उल्लेखनीय रूप से घटा देगा, जिससे GRAP के कड़े नियमों के लागू होने से पहले कुछ समय की राहत मिल सकेगी।
हरियाणा की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि वह वायु‑गुणवत्ता प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और राजधानी क्षेत्र में बार‑बार होने वाले धुंध‑धूसर (स्मॉग) समस्या को हल करने के लिए दबाव को समझ रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस कदम की सराहना की है, यह कहते हुए कि प्रारंभिक हस्तक्षेप स्वास्थ्य जोखिमों को कम कर सकता है और गंभीर प्रदूषण के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान को घटा सकता है।
आदेश में निर्माण धूल को कम करने, वाहन उत्सर्जन को सीमित करने और हरियाणा के अधीनस्थ NCR जिलों जैसे गुड़गांव और फरीदाबाद में कुछ औद्योगिक गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने दिल्ली सरकार और पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय करके एक समान नीति अपनाने का भी उल्लेख किया।
कार्यान्वयन अगले 48 घंटों के भीतर शुरू होगा और अनुपालन की निगरानी के लिए नियमित जांच की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रारंभिक कदम कण पदार्थ (PM2.5) के स्तर को उल्लेखनीय रूप से घटा देगा, जिससे GRAP के कड़े नियमों के लागू होने से पहले कुछ समय की राहत मिल सकेगी।
हरियाणा की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि वह वायु‑गुणवत्ता प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और राजधानी क्षेत्र में बार‑बार होने वाले धुंध‑धूसर (स्मॉग) समस्या को हल करने के लिए दबाव को समझ रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस कदम की सराहना की है, यह कहते हुए कि प्रारंभिक हस्तक्षेप स्वास्थ्य जोखिमों को कम कर सकता है और गंभीर प्रदूषण के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान को घटा सकता है।