📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Merikanto
स्थानीय
हरियाणा ने 66 शहरी निकायों में घर-घर कचरा संग्रहण मार्ग मानचित्रित किए
✍️ The New Indian Express
🗓 26 सित. 2026, 03:17 AM
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राज्य सरकार ने 87 शहरी निकायों में से 66 में घर‑घर कचरा संग्रहण मार्गों का मानचित्रण पूरा कर लिया है, जिससे कचरा प्रबंधन में सुधार होगा।
हरियाणा की नगरपालिका प्रशासन ने बताया कि राज्य के 87 शहरी निकायों में से 66 के लिए घर‑घर कचरा संग्रहण मार्गों का विस्तृत मानचित्रण पूरा हो गया है। यह मानचित्रण कार्य, जिसे द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया, में आवासीय, वाणिज्यिक और सार्वजनिक क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर संग्रहण मार्गों को निर्धारित किया गया।
यह पहल राज्य के ठोस‑कचरा प्रबंधन को आधुनिकीकरण, संग्रहण में चूक कम करने और नगरपालिका कर्मचारियों के संचालन खर्च घटाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। विशिष्ट मार्गों को संग्रहण टीमों को सौंपकर कार्यकुशलता बढ़ाने और कचरा पृथक्करण नियमों के पालन को सुदृढ़ करने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने बताया कि शेष 21 शहरी निकायों का भी समान मानचित्रण अगले कुछ महीनों में किया जाएगा, जिससे वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरे राज्य में कवरेज हासिल किया जा सकेगा। इस प्रक्रिया के साथ नगरपालिका कर्मचारियों के प्रशिक्षण और मानचित्र डेटा को मौजूदा कचरा‑प्रबंधन सॉफ़्टवेयर में एकीकृत करने की योजना भी है।
पूरा किया गया मानचित्र स्थानीय निकायों को एक केंद्रीकृत पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वास्तविक‑समय में निगरानी और आवश्यकतानुसार समायोजन संभव होगा। सरकार का लक्ष्य इस डेटा‑आधारित दृष्टिकोण को अन्य राज्यों के लिए एक मानक बनाना है।
यह पहल राज्य के ठोस‑कचरा प्रबंधन को आधुनिकीकरण, संग्रहण में चूक कम करने और नगरपालिका कर्मचारियों के संचालन खर्च घटाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। विशिष्ट मार्गों को संग्रहण टीमों को सौंपकर कार्यकुशलता बढ़ाने और कचरा पृथक्करण नियमों के पालन को सुदृढ़ करने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने बताया कि शेष 21 शहरी निकायों का भी समान मानचित्रण अगले कुछ महीनों में किया जाएगा, जिससे वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरे राज्य में कवरेज हासिल किया जा सकेगा। इस प्रक्रिया के साथ नगरपालिका कर्मचारियों के प्रशिक्षण और मानचित्र डेटा को मौजूदा कचरा‑प्रबंधन सॉफ़्टवेयर में एकीकृत करने की योजना भी है।
पूरा किया गया मानचित्र स्थानीय निकायों को एक केंद्रीकृत पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वास्तविक‑समय में निगरानी और आवश्यकतानुसार समायोजन संभव होगा। सरकार का लक्ष्य इस डेटा‑आधारित दृष्टिकोण को अन्य राज्यों के लिए एक मानक बनाना है।