📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / AmitKankar
धर्म
हरियाणा खाप विवाद: नाउगामा में समान गांव के प्रेम विवाह पर महिलाओं की शाखा ने समर्थन जताया
✍️ The New Indian Express
🗓 25 अग. 2026, 07:03 PM
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हरियाणा के नाउगामा में महिलाओं की शाखा ने समान गांव के प्रेम विवाह पर प्रतिबंध का समर्थन किया, जिससे खाप विवाद और तेज़ हो गया है।
हरियाणा के एक प्रमुख खाप की महिलाओं की शाखा ने नाउगामा गांव में समान गांव के प्रेम विवाह पर प्रतिबंध का समर्थन किया है। यह कदम खाप के भीतर पारंपरिक सामाजिक मानदंडों और व्यक्तिगत विवाह विकल्पों के बीच चल रहे विवाद को और तीव्र कर रहा है।
महिलाओं की शाखा के बयान के अनुसार, यह प्रतिबंध "समाजिक एकता" बनाए रखने और ऐसे विवाहों से उत्पन्न होने वाले गांव-भित्र के विवादों को रोकने के लिए है। यह प्रस्ताव केवल समान गांव के विवाहों को लक्षित करता है, जबकि बाहरी गांवों के बीच के विवाहों पर अभी भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वयस्कों की सहमति से हुए विवाहों पर प्रतिबंध लगाना संविधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। वहीं स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह कदम पितृसत्तात्मक सोच को दर्शाता है। राज्य सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक रुख नहीं अपनाया है, पर यह मुद्दा हरियाणा में विवाह कानूनों की आगामी चर्चाओं में उभर कर सामने आएगा।
महिलाओं की शाखा के समर्थन से समुदाय में मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ देखी जा रही हैं; कुछ लोग पारंपरिक मूल्यों की रक्षा के लिए इस कदम की सराहना कर रहे हैं, जबकि अन्य इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप मानते हैं। यह विवाद खाप के पारंपरिक निर्णयों और आधुनिक कानूनी ढांचे के बीच चल रहे तनाव को उजागर करता है।
महिलाओं की शाखा के बयान के अनुसार, यह प्रतिबंध "समाजिक एकता" बनाए रखने और ऐसे विवाहों से उत्पन्न होने वाले गांव-भित्र के विवादों को रोकने के लिए है। यह प्रस्ताव केवल समान गांव के विवाहों को लक्षित करता है, जबकि बाहरी गांवों के बीच के विवाहों पर अभी भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वयस्कों की सहमति से हुए विवाहों पर प्रतिबंध लगाना संविधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। वहीं स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह कदम पितृसत्तात्मक सोच को दर्शाता है। राज्य सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक रुख नहीं अपनाया है, पर यह मुद्दा हरियाणा में विवाह कानूनों की आगामी चर्चाओं में उभर कर सामने आएगा।
महिलाओं की शाखा के समर्थन से समुदाय में मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ देखी जा रही हैं; कुछ लोग पारंपरिक मूल्यों की रक्षा के लिए इस कदम की सराहना कर रहे हैं, जबकि अन्य इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप मानते हैं। यह विवाद खाप के पारंपरिक निर्णयों और आधुनिक कानूनी ढांचे के बीच चल रहे तनाव को उजागर करता है।