📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
शिक्षा
हरियाणा उच्च न्यायालय ने इन‑सर्विस एमडी/एमएस प्रवेश में 40% आरक्षण को बरकरार रखा
✍️ Medical Dialogues
🗓 08 अग. 2026, 08:33 AM
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हरियाणा उच्च न्यायालय ने इन‑सर्विस एमडी/एमएस प्रवेश में 40% आरक्षण को वैध घोषित किया।
हरियाणा उच्च न्यायालय ने इन‑सर्विस मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए एमडी और एमएस पाठ्यक्रमों में 40% आरक्षण नीति को वैध ठहराया, यह निर्णय दिया कि यह आरक्षण संवैधानिक और वैध है।
यह निर्णय उन उम्मीदवारों की चुनौती के बाद आया, जिन्होंने तर्क दिया कि यह आरक्षण मेरिट‑आधारित प्रवेश को प्रभावित करता है। न्यायालय ने इस दावे को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि राज्य का उद्देश्य विविधता बढ़ाना और चिकित्सा शिक्षा में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना है।
नीति के तहत, सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 40% सीटें कम प्रतिनिधित्व वाले समुदायों के इन‑सर्विस डॉक्टरों के लिए आरक्षित हैं, जबकि शेष 60% सीटें मानक मेरिट‑आधारित प्रक्रिया के माध्यम से भरी जाती हैं।
यह निर्णय आरक्षण प्रणाली को मजबूत करेगा और अन्य राज्यों को अपने चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आरक्षण ढाँचे की समीक्षा करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
यह निर्णय उन उम्मीदवारों की चुनौती के बाद आया, जिन्होंने तर्क दिया कि यह आरक्षण मेरिट‑आधारित प्रवेश को प्रभावित करता है। न्यायालय ने इस दावे को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि राज्य का उद्देश्य विविधता बढ़ाना और चिकित्सा शिक्षा में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना है।
नीति के तहत, सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 40% सीटें कम प्रतिनिधित्व वाले समुदायों के इन‑सर्विस डॉक्टरों के लिए आरक्षित हैं, जबकि शेष 60% सीटें मानक मेरिट‑आधारित प्रक्रिया के माध्यम से भरी जाती हैं।
यह निर्णय आरक्षण प्रणाली को मजबूत करेगा और अन्य राज्यों को अपने चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आरक्षण ढाँचे की समीक्षा करने के लिए प्रेरित कर सकता है।