📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Satdeep Gill
स्थानीय
हरियाणा के किसान ने समानांतर पावर लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम, स्मार्ट मीटर पर विरोध प्रदर्शन किया
✍️ The Hindu
🗓 15 जुल. 2026, 05:34 AM
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हरियाणा के किसानों ने समानांतर पावर लाइसेंस को रद्द करने, एग्री डिस्कॉम हटाने और स्मार्ट मीटर को समाप्त करने की मांग करते हुए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।
हरियाणा के कई जिलों के किसान समानांतर पावर लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटर के खिलाफ समन्वित विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन सुबह के शुरुआती घंटों में शुरू हुआ, जब समूह प्रमुख चौराहों और स्थानीय बाजारों में जुटे।
किसानों की मुख्य मांग समानांतर पावर लाइसेंस को रद्द करना है, जिसे वे उच्च बिजली लागत और अनुचित प्रतिस्पर्धा का कारण मानते हैं। वे एग्री डिस्कॉम को हटाने की भी मांग कर रहे हैं, क्योंकि उनका कहना है कि यह वादा किए गए सब्सिडी या बुनियादी ढांचे में सुधार नहीं कर पाया।
इसके अलावा, विरोधकर्ता स्मार्ट मीटर की स्थापना को रोकने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि वे गोपनीयता और विश्वसनीयता के मुद्दों को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय अधिकारियों ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है, लेकिन भीड़ शांतिपूर्ण बनी हुई है।
यह विरोध हरियाणा के कई शहरों में फैल गया है, जहाँ ग्रामीण और अर्ध-शहरी दोनों क्षेत्रों के किसान भाग ले रहे हैं। सरकार ने अभी तक औपचारिक उत्तर नहीं दिया है, परंतु किसानों की शिकायतों को स्वीकार करते हुए नीतियों की समीक्षा का वादा किया है।
किसानों की मुख्य मांग समानांतर पावर लाइसेंस को रद्द करना है, जिसे वे उच्च बिजली लागत और अनुचित प्रतिस्पर्धा का कारण मानते हैं। वे एग्री डिस्कॉम को हटाने की भी मांग कर रहे हैं, क्योंकि उनका कहना है कि यह वादा किए गए सब्सिडी या बुनियादी ढांचे में सुधार नहीं कर पाया।
इसके अलावा, विरोधकर्ता स्मार्ट मीटर की स्थापना को रोकने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि वे गोपनीयता और विश्वसनीयता के मुद्दों को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय अधिकारियों ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है, लेकिन भीड़ शांतिपूर्ण बनी हुई है।
यह विरोध हरियाणा के कई शहरों में फैल गया है, जहाँ ग्रामीण और अर्ध-शहरी दोनों क्षेत्रों के किसान भाग ले रहे हैं। सरकार ने अभी तक औपचारिक उत्तर नहीं दिया है, परंतु किसानों की शिकायतों को स्वीकार करते हुए नीतियों की समीक्षा का वादा किया है।