📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Home Affairs
राजनीति
हरियाणा सीएम ने कहा, आप ने पंजाब के बाढ़ राहत फंड को कहीं और खर्च किया
✍️ Hindustan Times
🗓 08 नव. 2026, 07:45 AM
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि आप ने केंद्र के द्वारा पंजाब के बाढ़ राहत के लिये आवंटित 1,600 करोड़ रुपये को अन्य जगहों पर खर्च किया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब के लिये केंद्र सरकार द्वारा आवंटित बाढ़ राहत निधि का दुरुपयोग किया है। यह निधि, जिसकी कुल राशि 1,600 करोड़ रुपये है, मूल रूप से पंजाब के बाढ़‑पीड़ित जिलों को सहायता प्रदान करने के लिये थी, परंतु खट्टर के अनुसार इसे कहीं और खर्च किया गया।
खट्टर ने यह बयान एक प्रेस ब्रीफ़िंग में दिया, यह कहते हुए कि फंड का इस तरह का पुनः आवंटन बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली मदद को कमजोर करता है। उन्होंने यह नहीं बताया कि धनराशि को किस दिशा में पुनः प्रयोग किया गया, परंतु जवाबदेही की माँग की।
यह आरोप हरियाणा सरकार और पंजाब में आप‑शासन वाली सरकार के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है। इस समय तक आप या जल संसाधन मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है।
हिंदुस्तान टाइम्स ने इस आरोप की रिपोर्ट की, यह संकेत देते हुए कि इस मुद्दे से अंतर‑राज्य निधि आवंटन और राहत तंत्र की जांच की मांग बढ़ सकती है।
आगे की जानकारी इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित पक्षों से कोई जांच या बयान आता है या नहीं, क्योंकि यह मामला अभी भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है।
खट्टर ने यह बयान एक प्रेस ब्रीफ़िंग में दिया, यह कहते हुए कि फंड का इस तरह का पुनः आवंटन बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली मदद को कमजोर करता है। उन्होंने यह नहीं बताया कि धनराशि को किस दिशा में पुनः प्रयोग किया गया, परंतु जवाबदेही की माँग की।
यह आरोप हरियाणा सरकार और पंजाब में आप‑शासन वाली सरकार के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है। इस समय तक आप या जल संसाधन मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है।
हिंदुस्तान टाइम्स ने इस आरोप की रिपोर्ट की, यह संकेत देते हुए कि इस मुद्दे से अंतर‑राज्य निधि आवंटन और राहत तंत्र की जांच की मांग बढ़ सकती है।
आगे की जानकारी इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित पक्षों से कोई जांच या बयान आता है या नहीं, क्योंकि यह मामला अभी भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है।