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हरदा में आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ: 165 युवा स्वयंसेवकों को मिला 7‑दिवसीय प्रशिक्षण
शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज हरदा में आपदा मित्र योजना के द्वितीय सत्र के तहत 165 युवा स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन एवं राहत‑बचाव कार्यों का 7‑दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज हरदा में आपदा मित्र योजना के द्वितीय सत्र के तहत सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में 165 युवा स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन एवं राहत‑बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर श्री पुरुषोत्तम कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर युवाओं को प्रेरित किया। पंजीकृत प्रशिक्षणार्थियों को पुस्तिका, डायरी, पेन और टी‑शर्ट वितरित की गई।
प्रशिक्षण के प्रथम दिन प्रतिभागियों को आपदा, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, आपदा प्रबंधन नीति 2010, संभावित आपदाएँ, बाढ़ के कारण व प्रबंधन तथा आपदा मित्र योजना और स्वयंसेवकों के कर्तव्यों की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि ने अपने अनुभव साझा करते हुए अनुशासन, सेवा भावना और समर्पण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण का संचालन प्लाटून कमांडर श्रीमती रक्षा राजपूत, हवलदार श्री दीपक ठाकुर, आरक्षक श्री कैलाश तोमर तथा होमगार्ड/एसडीईआरएफ टीम द्वारा किया गया। सात दिवसीय कार्यक्रम में सैद्धांतिक व व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि स्वयंसेवक आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में राहत‑बचाव कार्यों में प्रभावी सहयोग कर सकें।
मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर श्री पुरुषोत्तम कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर युवाओं को प्रेरित किया। पंजीकृत प्रशिक्षणार्थियों को पुस्तिका, डायरी, पेन और टी‑शर्ट वितरित की गई।
प्रशिक्षण के प्रथम दिन प्रतिभागियों को आपदा, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, आपदा प्रबंधन नीति 2010, संभावित आपदाएँ, बाढ़ के कारण व प्रबंधन तथा आपदा मित्र योजना और स्वयंसेवकों के कर्तव्यों की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि ने अपने अनुभव साझा करते हुए अनुशासन, सेवा भावना और समर्पण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण का संचालन प्लाटून कमांडर श्रीमती रक्षा राजपूत, हवलदार श्री दीपक ठाकुर, आरक्षक श्री कैलाश तोमर तथा होमगार्ड/एसडीईआरएफ टीम द्वारा किया गया। सात दिवसीय कार्यक्रम में सैद्धांतिक व व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि स्वयंसेवक आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में राहत‑बचाव कार्यों में प्रभावी सहयोग कर सकें।