Religion
हनुमानगढ़ जंक्शन में 34वें दुर्गा पूजा महोत्सव का विसर्जन यात्रा के साथ समापन
हनुमानगढ़ जंक्शन की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आयोजित 34वें दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन मंगलवार को सिंदूरदान की रस्म और खुंजा नहर में मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के साथ हुआ।
हनुमानगढ़ जंक्शन की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित मैदान में मां दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से आयोजित 34वां विशाल दुर्गा पूजा महोत्सव मंगलवार को मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के समापन के अवसर पर विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार सिंदूरदान की रस्म निभाई गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सिंदूरदान की रस्म के पश्चात मां दुर्गा की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए और उनके साथ जुड़े। यात्रा के अंत में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में खुंजा नहर में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान भक्तों ने भावपूर्ण विदाई देते हुए अगले वर्ष भी मां दुर्गा के आगमन की कामना की।
आयोजन समिति के अनुसार, नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने पहुंचे। महोत्सव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में लगातार उत्साह बना रहा।
इस आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया। मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही यह नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन पूर्ण हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने मां से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।
सिंदूरदान की रस्म के पश्चात मां दुर्गा की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए और उनके साथ जुड़े। यात्रा के अंत में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में खुंजा नहर में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान भक्तों ने भावपूर्ण विदाई देते हुए अगले वर्ष भी मां दुर्गा के आगमन की कामना की।
आयोजन समिति के अनुसार, नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने पहुंचे। महोत्सव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में लगातार उत्साह बना रहा।
इस आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया। मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही यह नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन पूर्ण हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने मां से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।