धर्म
हिमाचल: तीर्थन घाटी में ऐतिहासिक देव मिलन, ब्रह्मऋषि, संकादि ऋषि और चौरासी सिद्ध का हुआ संगम
देवभूमि हिमाचल की पावन धरा पर तीर्थन घाटी के शलिंगा गाँव में एक अद्भुत देव मिलन का आयोजन हुआ, जिसमें प्रभु ब्रह्मऋषि जी, प्रभु संकादि ऋषि जी एवं प्रभु चौरासी सिद्ध जी का पावन संगम हुआ। यह आयोजन सदियों पुरानी देव संस्कृति और अटूट श्रद्धा का प्रतीक बना।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश की तीर्थन घाटी में एक अत्यंत पावन और ऐतिहासिक देव मिलन का आयोजन हुआ। ग्राम पंचायत पेखड़ी के शलिंगा गाँव में श्री पदम सिंह जी के निवास स्थान पर हँसकुंड तीर्थ स्थल से प्रभु ब्रह्मऋषि जी का शुभ आगमन हुआ। इस दिव्य अवसर पर प्रभु संकादि ऋषि जी और प्रभु चौरासी सिद्ध जी ने भी प्रभु ब्रह्मऋषि जी के साथ पधारकर देव मिलन को संपन्न किया।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि यह हमारी सदियों पुरानी देव संस्कृति, अटूट श्रद्धा और समृद्ध परंपराओं का एक जीवंत उत्सव था। यह अद्भुत क्षण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा, जिसने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
देव मिलन की यह पावन परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत की एक अमूल्य धरोहर है। यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी हमारी आस्था को जीवंत रखती है और हमें अपनी जड़ों तथा देव परंपराओं से जोड़े रखती है। इस ऐतिहासिक देव मिलन का साक्षी बनना एक अत्यंत सौभाग्य और गौरव का विषय रहा।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि यह हमारी सदियों पुरानी देव संस्कृति, अटूट श्रद्धा और समृद्ध परंपराओं का एक जीवंत उत्सव था। यह अद्भुत क्षण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा, जिसने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
देव मिलन की यह पावन परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत की एक अमूल्य धरोहर है। यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी हमारी आस्था को जीवंत रखती है और हमें अपनी जड़ों तथा देव परंपराओं से जोड़े रखती है। इस ऐतिहासिक देव मिलन का साक्षी बनना एक अत्यंत सौभाग्य और गौरव का विषय रहा।