Crime
हजारीबाग: सीसीएल कर्मचारी की हत्या का 24 घंटे में खुलासा, अनुकंपा नौकरी के लालच में पत्नी ने रची साजिश
हजारीबाग जिले के गिद्दी में सीसीएल कर्मचारी मंगलेश पाल की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि पत्नी सोनाली ने अनुकंपा पर नौकरी पाने के लिए अपने प्रेमी और ममेरे भाई के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
हजारीबाग जिले के गिद्दी थाना क्षेत्र में सीसीएल कर्मचारी मंगलेश पाल उर्फ हैप्पी की हत्या का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी की लालसा और साजिश निकली है। पुलिस के अनुसार, अनुकंपा पर नौकरी पाने के लिए पत्नी सोनाली ने अपने कथित प्रेमी और ममेरे भाई के साथ मिलकर इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गिद्दी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़कागांव के एसडीपीओ अमित आनंद ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मंगलेश पाल की हत्या की साजिश उनकी पत्नी सोनाली और उनके ममेरे भाई सह कथित प्रेमी कौशिक कुमार नौनिया पिछले एक साल से रच रहे थे। जांच में यह बात सामने आई है कि सोनाली सीसीएल कर्मचारी पति की हत्या के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी हासिल करना चाहती थी। इस खौफनाक मकसद को पूरा करने के लिए पहले भी कई बार साजिश रची गई थी, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए थे। आखिरकार आरोपियों ने इस बार योजना को अमलीजामा पहना दिया।
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पत्नी सोनाली ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी थी, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन पुलिस की त्वरित और गहन कार्रवाई ने उसकी चाल को नाकाम कर दिया। पुलिस ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए और कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था, जिसने SFL, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल की बारीकी से जांच कर वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई।
पुलिस ने अनुसंधान और आरोपियों की निशानदेही पर कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं, जो इस केस में सजा दिलाने के लिए सबसे बड़े सबूत साबित होंगे। बरामद सामान में खून से सना दाउली, चाकू, खून साफ करने के काम आया पोछा, दो नए मोबाइल फोन, मृतक और उनकी पत्नी के जले हुए मोबाइल, तथा आरोपियों के खून से सने कपड़े और चप्पल शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय कानून के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जबकि अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
गिद्दी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़कागांव के एसडीपीओ अमित आनंद ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मंगलेश पाल की हत्या की साजिश उनकी पत्नी सोनाली और उनके ममेरे भाई सह कथित प्रेमी कौशिक कुमार नौनिया पिछले एक साल से रच रहे थे। जांच में यह बात सामने आई है कि सोनाली सीसीएल कर्मचारी पति की हत्या के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी हासिल करना चाहती थी। इस खौफनाक मकसद को पूरा करने के लिए पहले भी कई बार साजिश रची गई थी, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए थे। आखिरकार आरोपियों ने इस बार योजना को अमलीजामा पहना दिया।
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पत्नी सोनाली ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी थी, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन पुलिस की त्वरित और गहन कार्रवाई ने उसकी चाल को नाकाम कर दिया। पुलिस ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए और कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था, जिसने SFL, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल की बारीकी से जांच कर वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई।
पुलिस ने अनुसंधान और आरोपियों की निशानदेही पर कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं, जो इस केस में सजा दिलाने के लिए सबसे बड़े सबूत साबित होंगे। बरामद सामान में खून से सना दाउली, चाकू, खून साफ करने के काम आया पोछा, दो नए मोबाइल फोन, मृतक और उनकी पत्नी के जले हुए मोबाइल, तथा आरोपियों के खून से सने कपड़े और चप्पल शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय कानून के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जबकि अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।