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हजारीबाग में विद्युत व्यवस्था सुधार के निर्देश: डीसी ने की स्मार्ट मीटर, ग्रिड निर्माण कार्यों की समीक्षा
हजारीबाग जिले के उपायुक्त हेमन्त सती ने विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक में स्मार्ट मीटर अधिष्ठापन, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और ग्रिड निर्माण कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विद्युत लाइनों के आसपास पेड़ों की छंटाई और समयबद्ध कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया।
हजारीबाग जिले में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त (डीसी) हेमन्त सती की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हजारीबाग एवं बरही विद्युत आपूर्ति प्रमण्डल के अंतर्गत स्मार्ट मीटर अधिष्ठापन, विद्युत आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था, ट्रांसमिशन लाइनों के रखरखाव और नवीन ग्रिड निर्माण कार्यों की वर्तमान प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
उपायुक्त श्री सती ने विद्युत वितरण लाइनों के ऊपर या आसपास स्थित बड़े पेड़ों और उनकी टहनियों की नियमित छंटाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इसका मुख्य उद्देश्य विद्युत आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को समाप्त करना है। हजारीबाग और बरही के कनीय विद्युत अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में निरीक्षण कर 15 दिसंबर 2026 तक छंटाई का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करें और प्रगति की तस्वीरें निर्धारित व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करें। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
स्मार्ट मीटरों में आ रही तकनीकी त्रुटियों, उपभोक्ताओं द्वारा बताई जा रही समस्याओं और बिजली बिलों के सत्यापन के संबंध में, डीसी श्री सती ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रिया सिंह को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, स्मार्ट मीटर अधिष्ठापन कार्य की प्रगति की भी बारीकी से जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में ट्रांसमिशन विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि भेलवारा ग्रिड का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और ट्रांसमिशन लाइन का कार्य प्रगति पर है। इस नव-निर्मित ग्रिड से हजारीबाग को 25 मेगावाट विद्युत भार उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अतिरिक्त, बभनी एवं बरही में नए ग्रिड प्रस्तावित हैं, जबकि पकरी-बरवाडीह में ग्रिड निर्माण का कार्य जारी है।
बभनी ग्रिड के निर्माण हेतु आवश्यक वन संबंधी स्वीकृति प्राप्त करने के लिए, उपायुक्त ने वन प्रमंडल पदाधिकारी को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) के साथ समन्वय स्थापित कर अविलंब अग्रतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बैठक में विद्युत आपूर्ति प्रमण्डल हजारीबाग में कार्यरत RDSS एजेंसी के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर उपायुक्त ने गंभीर संज्ञान लिया, जिसके कारण संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा नहीं हो सकी। इस पर उन्होंने अनुपस्थित एजेंसी प्रतिनिधियों से स्पष्टीकरण (शो-कॉज नोटिस) जारी करने का निर्देश दिया। बैठक में डीडीसी रिया सिंह सहित विद्युत विभाग के कनीय एवं सहायक अभियंता तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त श्री सती ने विद्युत वितरण लाइनों के ऊपर या आसपास स्थित बड़े पेड़ों और उनकी टहनियों की नियमित छंटाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इसका मुख्य उद्देश्य विद्युत आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को समाप्त करना है। हजारीबाग और बरही के कनीय विद्युत अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में निरीक्षण कर 15 दिसंबर 2026 तक छंटाई का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करें और प्रगति की तस्वीरें निर्धारित व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करें। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
स्मार्ट मीटरों में आ रही तकनीकी त्रुटियों, उपभोक्ताओं द्वारा बताई जा रही समस्याओं और बिजली बिलों के सत्यापन के संबंध में, डीसी श्री सती ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रिया सिंह को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, स्मार्ट मीटर अधिष्ठापन कार्य की प्रगति की भी बारीकी से जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में ट्रांसमिशन विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि भेलवारा ग्रिड का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और ट्रांसमिशन लाइन का कार्य प्रगति पर है। इस नव-निर्मित ग्रिड से हजारीबाग को 25 मेगावाट विद्युत भार उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अतिरिक्त, बभनी एवं बरही में नए ग्रिड प्रस्तावित हैं, जबकि पकरी-बरवाडीह में ग्रिड निर्माण का कार्य जारी है।
बभनी ग्रिड के निर्माण हेतु आवश्यक वन संबंधी स्वीकृति प्राप्त करने के लिए, उपायुक्त ने वन प्रमंडल पदाधिकारी को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) के साथ समन्वय स्थापित कर अविलंब अग्रतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बैठक में विद्युत आपूर्ति प्रमण्डल हजारीबाग में कार्यरत RDSS एजेंसी के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर उपायुक्त ने गंभीर संज्ञान लिया, जिसके कारण संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा नहीं हो सकी। इस पर उन्होंने अनुपस्थित एजेंसी प्रतिनिधियों से स्पष्टीकरण (शो-कॉज नोटिस) जारी करने का निर्देश दिया। बैठक में डीडीसी रिया सिंह सहित विद्युत विभाग के कनीय एवं सहायक अभियंता तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।