स्थानीय
हजारीबाग में दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जारी हुए निर्देश
दुर्गा पूजा के अवसर पर मूर्ति विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकार हजारीबाग ने कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य डूबने की घटनाओं को रोकना है।
दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर शहर और आसपास के क्षेत्रों में नदी, झरना, तालाब, झील एवं अन्य जलस्रोतों के पास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इस दौरान मूर्ति विसर्जन के समय पानी में डूबने की घटनाओं से बचाव और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकार हजारीबाग द्वारा आवश्यक सुरक्षा निर्देश जारी किए गए हैं।
इन निर्देशों के तहत, स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर सुरक्षित विसर्जन स्थलों की पहचान की जाएगी और असुरक्षित स्थानों पर विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा। जल की गहराई, धाराओं, फिसलन वाली सतहों और अन्य संभावित खतरों का पूर्व में ही आकलन किया जाएगा। साथ ही, पर्याप्त बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी संकेत और सुरक्षित प्रवेश/निकास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जहाँ संभव हो, प्राकृतिक जल निकायों में भीड़ कम करने के लिए अस्थायी या कृत्रिम विसर्जन टैंकों की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।
जल सुरक्षा और डूबने से बचाव के लिए, प्रमुख जलमग्न स्थलों पर प्रशिक्षित लाइफगार्ड, गोताखोर और जल बचाव कर्मियों की तैनाती की जाएगी। लाइफ जैकेट, लाइफबॉय, बचाव रस्सियों, नावों और अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालुओं, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और तैराकी न जानने वालों को गहरे या तेज बहने वाले पानी में जाने से रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। जहाँ संभव हो, विसर्जन के लिए निर्दिष्ट प्लेटफार्मों/रैंपों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी (डीसी) हेमन्त सती ने संबंधित पदाधिकारियों और आयोजकों से इन सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इन उपायों से दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा और सभी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकेंगे।
इन निर्देशों के तहत, स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर सुरक्षित विसर्जन स्थलों की पहचान की जाएगी और असुरक्षित स्थानों पर विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा। जल की गहराई, धाराओं, फिसलन वाली सतहों और अन्य संभावित खतरों का पूर्व में ही आकलन किया जाएगा। साथ ही, पर्याप्त बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी संकेत और सुरक्षित प्रवेश/निकास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जहाँ संभव हो, प्राकृतिक जल निकायों में भीड़ कम करने के लिए अस्थायी या कृत्रिम विसर्जन टैंकों की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।
जल सुरक्षा और डूबने से बचाव के लिए, प्रमुख जलमग्न स्थलों पर प्रशिक्षित लाइफगार्ड, गोताखोर और जल बचाव कर्मियों की तैनाती की जाएगी। लाइफ जैकेट, लाइफबॉय, बचाव रस्सियों, नावों और अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालुओं, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और तैराकी न जानने वालों को गहरे या तेज बहने वाले पानी में जाने से रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। जहाँ संभव हो, विसर्जन के लिए निर्दिष्ट प्लेटफार्मों/रैंपों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी (डीसी) हेमन्त सती ने संबंधित पदाधिकारियों और आयोजकों से इन सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इन उपायों से दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा और सभी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकेंगे।