स्थानीय
हजारीबाग में 22 विभूतियों को 'हजारीबाग रत्न' से किया गया सम्मानित, मो0 मुजफ्फर हुसैन भी शामिल
हजारीबाग नगर भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में जिले के 22 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को समाज में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 'हजारीबाग रत्न' पुरस्कार से नवाजा गया। शिक्षा, समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को इस सम्मान के लिए चुना गया।
हजारीबाग नगर भवन में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें हजारीबाग जिले की 22 प्रतिष्ठित विभूतियों को 'हजारीबाग रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अपने असाधारण योगदान के लिए समाज में पहचान बनाने वाले व्यक्तियों को एक विशेष कमेटी द्वारा चिन्हित कर प्रदान किया गया।
इस वर्ष के सम्मानित व्यक्तियों में मो0 मुजफ्फर हुसैन का नाम भी शामिल है, जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके निस्वार्थ सेवा भाव के लिए विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने अनाथ और अभिभावक विहीन बच्चों को न केवल निशुल्क शिक्षा प्रदान की, बल्कि उन्हें किताबें, कॉपी और अन्य आवश्यक शैक्षिक संसाधन भी उपलब्ध कराए। इसके अतिरिक्त, कम उम्र में मंच संचालन में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि, 20,000 से अधिक वृक्षारोपण, रक्तदान शिविरों का आयोजन और स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदाय में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने में उनके प्रयासों को भी रेखांकित किया गया।
मो0 मुजफ्फर हुसैन, जिनका पैतृक निवास हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड के इनका गांव है, ने अपनी स्कूली शिक्षा सरकारी विद्यालय से प्राप्त की। शिक्षक के रूप में उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें 'बेस्ट टीचर अवार्ड' से भी नवाजा जा चुका है। वर्तमान में वे मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं और जिला प्रशासन हजारीबाग के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। हजारीबाग और झारखंड के बाहर भी वे एक मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं और दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में विभिन्न मंचों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
संयुक्त रूप से शिक्षा, समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, मंच संचालन और मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में उनके बहुआयामी योगदान को देखते हुए उन्हें 'हजारीबाग रत्न' से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में, झारखंड बोर्ड से उच्च माध्यमिक कला संकाय में संयुक्त रूप से आठवां स्टेट टॉपर बनने वाली प्रतिभागी बबीता कुमारी को भी सम्मानित किया गया।
इस वर्ष के सम्मानित व्यक्तियों में मो0 मुजफ्फर हुसैन का नाम भी शामिल है, जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके निस्वार्थ सेवा भाव के लिए विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने अनाथ और अभिभावक विहीन बच्चों को न केवल निशुल्क शिक्षा प्रदान की, बल्कि उन्हें किताबें, कॉपी और अन्य आवश्यक शैक्षिक संसाधन भी उपलब्ध कराए। इसके अतिरिक्त, कम उम्र में मंच संचालन में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि, 20,000 से अधिक वृक्षारोपण, रक्तदान शिविरों का आयोजन और स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदाय में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने में उनके प्रयासों को भी रेखांकित किया गया।
मो0 मुजफ्फर हुसैन, जिनका पैतृक निवास हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड के इनका गांव है, ने अपनी स्कूली शिक्षा सरकारी विद्यालय से प्राप्त की। शिक्षक के रूप में उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें 'बेस्ट टीचर अवार्ड' से भी नवाजा जा चुका है। वर्तमान में वे मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं और जिला प्रशासन हजारीबाग के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। हजारीबाग और झारखंड के बाहर भी वे एक मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं और दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में विभिन्न मंचों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
संयुक्त रूप से शिक्षा, समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, मंच संचालन और मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में उनके बहुआयामी योगदान को देखते हुए उन्हें 'हजारीबाग रत्न' से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में, झारखंड बोर्ड से उच्च माध्यमिक कला संकाय में संयुक्त रूप से आठवां स्टेट टॉपर बनने वाली प्रतिभागी बबीता कुमारी को भी सम्मानित किया गया।