स्थानीय
हजारीबाग: डीसी हेमन्त सती ने गांधी-शास्त्री जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि, किया पौधारोपण
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर हजारीबाग के डीसी हेमन्त सती ने विभिन्न प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर हजारीबाग जिले के उपायुक्त (डीसी) हेमन्त सती ने जिले भर में स्थित दोनों महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
उपायुक्त श्री सती ने सर्वप्रथम समाहरणालय परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके उपरांत, उन्होंने कुम्हारटोली स्थित गांधी स्मारक पर भी जाकर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात, इन्द्रपुरी चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती मनाई।
इस अवसर पर पौधारोपण करते हुए डीसी श्री सती ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्य, अहिंसा, शांति और स्वच्छता का संदेश, तथा लाल बहादुर शास्त्री का सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से परिपूर्ण जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने आगे कहा कि उनके आदर्शों और विचारों को अपने जीवन में उतारकर जनसेवा और राष्ट्रहित के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उपायुक्त श्री सती ने सर्वप्रथम समाहरणालय परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके उपरांत, उन्होंने कुम्हारटोली स्थित गांधी स्मारक पर भी जाकर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात, इन्द्रपुरी चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती मनाई।
इस अवसर पर पौधारोपण करते हुए डीसी श्री सती ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्य, अहिंसा, शांति और स्वच्छता का संदेश, तथा लाल बहादुर शास्त्री का सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से परिपूर्ण जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने आगे कहा कि उनके आदर्शों और विचारों को अपने जीवन में उतारकर जनसेवा और राष्ट्रहित के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।