📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
स्थानीय
ग्वालियर हाईकोर्ट ने घटिया सड़क निर्माण और फाइल गायब होने पर नोटिस जारी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 29 अक्टू. 2026, 11:15 AM
👁 19
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर में अधिकारियों को दो दिन में जवाब देने का नोटिस जारी किया, क्योंकि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी और उप अभियंता के घर में सरकारी फाइल मिलने की रिपोर्ट आई है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर में एक सड़क निर्माण विवाद को लेकर कड़ी कार्रवाई की है। एक नोटिस जारी किया गया है जिसमें उन अधिकारियों को दो दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि जांच में पाया गया कि उपयोग किए गए निर्माण सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं थीं।
जांच रिपोर्ट में बताया गया कि सार्वजनिक कार्य विभाग द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई थी। साथ ही, परियोजना से संबंधित सरकारी फाइल उप अभियंता के घर में मिली, जिससे अभिलेख‑रखरखाव और जवाबदेही पर सवाल उठे हैं।
कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को दो दिन में लिखित स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। यदि वे अनुपालन नहीं करते हैं तो आगे की कानूनी कार्रवाई, जिसमें कॉन्टेम्प्ट केस भी शामिल हो सकता है, की जा सकती है।
यह कदम सार्वजनिक‑इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी में न्यायपालिका की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है और सरकारी एजेंसियों को विधायी दिशानिर्देशों का पालन करने की चेतावनी देता है।
जांच रिपोर्ट में बताया गया कि सार्वजनिक कार्य विभाग द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई थी। साथ ही, परियोजना से संबंधित सरकारी फाइल उप अभियंता के घर में मिली, जिससे अभिलेख‑रखरखाव और जवाबदेही पर सवाल उठे हैं।
कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को दो दिन में लिखित स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। यदि वे अनुपालन नहीं करते हैं तो आगे की कानूनी कार्रवाई, जिसमें कॉन्टेम्प्ट केस भी शामिल हो सकता है, की जा सकती है।
यह कदम सार्वजनिक‑इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी में न्यायपालिका की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है और सरकारी एजेंसियों को विधायी दिशानिर्देशों का पालन करने की चेतावनी देता है।