📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / 33shaguftansari
बिज़नेस
गुजरात के आवास बाजार में सस्ती से आकांक्षी मॉडलों की ओर बदलाव, डेवलपर्स का कहना
✍️ realty.economictimes.indiatimes.com
🗓 22 अग. 2026, 11:04 PM
👁 7
डेवलपर्स का कहना है कि गुजरात में खरीदार अब बजट विकल्पों के बजाय प्रीमियम घरों को पसंद कर रहे हैं, जिससे बाजार में बदलाव दिख रहा है।
गुजरात के विभिन्न डेवलपर्स ने खरीदारों की पसंद में स्पष्ट बदलाव बताया है, जहाँ अब अधिक लोग पारंपरिक किफायती आवास की बजाय उच्च‑स्तरीय, आकांक्षी घरों को चुन रहे हैं। यह प्रवृत्ति अहमदाबाद और सूरत जैसे बड़े शहरों में विशेष रूप से स्पष्ट है, जहाँ नए प्रोजेक्ट्स में बेहतर सुविधाएँ, बड़े फ़्लोर‑एरिया और प्रीमियम कीमतें शामिल हैं।
उद्योग के विशेषज्ञ इस बदलाव को बढ़ती आय, राष्ट्रीय जीवनशैली के प्रभाव और मध्यम वर्ग के परिवारों की बेहतर जीवन स्तर की इच्छा से जोड़ते हैं। साथ ही किफायती आवास की आपूर्ति में कमी ने बिल्डरों को अधिक लाभदायक प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की ओर धकेल दिया है।
इस परिवर्तन का असर कीमतों पर भी दिख रहा है। डेवलपर सर्वेक्षणों के अनुसार, आकांक्षी प्रोजेक्ट्स की औसत कीमतों में साल‑दर‑साल 8‑10% की वृद्धि हुई है, जबकि किफायती वर्ग की कीमतों की वृद्धि दर स्थिर रह गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है तो गुजरात के रियल‑एस्टेट परिदृश्य में बदलाव आएगा, जिससे लक्ज़री टाउनशिप और गेटेड कम्युनिटीज़ में निवेश बढ़ेगा।
फिर भी विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि कम‑कीमत वाले आवास के लिए नीति समर्थन पर्याप्त नहीं रहा तो किफायती वर्ग के खरीदारों के लिए अंतर बढ़ सकता है। वे पहले‑बार घर खरीदने वालों को पीछे न छूटने देने के लिये लक्षित सब्सिडी और तेज़ अनुमोदन प्रक्रिया की सलाह देते हैं।
उद्योग के विशेषज्ञ इस बदलाव को बढ़ती आय, राष्ट्रीय जीवनशैली के प्रभाव और मध्यम वर्ग के परिवारों की बेहतर जीवन स्तर की इच्छा से जोड़ते हैं। साथ ही किफायती आवास की आपूर्ति में कमी ने बिल्डरों को अधिक लाभदायक प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की ओर धकेल दिया है।
इस परिवर्तन का असर कीमतों पर भी दिख रहा है। डेवलपर सर्वेक्षणों के अनुसार, आकांक्षी प्रोजेक्ट्स की औसत कीमतों में साल‑दर‑साल 8‑10% की वृद्धि हुई है, जबकि किफायती वर्ग की कीमतों की वृद्धि दर स्थिर रह गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है तो गुजरात के रियल‑एस्टेट परिदृश्य में बदलाव आएगा, जिससे लक्ज़री टाउनशिप और गेटेड कम्युनिटीज़ में निवेश बढ़ेगा।
फिर भी विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि कम‑कीमत वाले आवास के लिए नीति समर्थन पर्याप्त नहीं रहा तो किफायती वर्ग के खरीदारों के लिए अंतर बढ़ सकता है। वे पहले‑बार घर खरीदने वालों को पीछे न छूटने देने के लिये लक्षित सब्सिडी और तेज़ अनुमोदन प्रक्रिया की सलाह देते हैं।