📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maulik Kansara
देश
गुजरात हाई कोर्ट ने वकील से संबंधों के कारण जज की बर्खास्तगी को बरकरार रखा
✍️ Live Law
🗓 01 अक्टू. 2026, 02:46 PM
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गुजरात हाई कोर्ट ने एक जज की बर्खास्तगी को कायम किया, क्योंकि वह एक practising वकील के साथ प्रतिबंधित संबंध रखता था और उससे फोन संपर्क स्वीकार कर चुका था।
गुजरात हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक जिला जज की बर्खास्तगी को बरकरार रखा, क्योंकि जांच में पता चला कि जज ने एक practising वकील के साथ प्रतिबंधित व्यक्तिगत संबंध बनाए रखा था।
जांच में यह भी सामने आया कि जज ने उसी वकील से फोन कॉल स्वीकार किया, जिससे चल रहे मामलों में संभावित प्रभाव की आशंका उत्पन्न हुई। कोर्ट ने कहा कि ऐसा व्यवहार न्यायपालिका की स्वतंत्रता और अखंडता को कमजोर करता है, इसलिए जज को हटाना आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय जजों से अपेक्षित उच्च मानकों को सुदृढ़ करता है और समान उल्लंघनों को रोकने के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य करता है। बर्खास्त जज को इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अधिकार है, लेकिन अभी कोई समय सीमा तय नहीं हुई है।
यह मामला भारतीय न्यायालयों द्वारा न्यायिक नैतिकता के कड़े दिशानिर्देशों को लागू करने के निरंतर प्रयासों को उजागर करता है, जिससे सार्वजनिक विश्वास बनाये रखने में मदद मिलती है।
जांच में यह भी सामने आया कि जज ने उसी वकील से फोन कॉल स्वीकार किया, जिससे चल रहे मामलों में संभावित प्रभाव की आशंका उत्पन्न हुई। कोर्ट ने कहा कि ऐसा व्यवहार न्यायपालिका की स्वतंत्रता और अखंडता को कमजोर करता है, इसलिए जज को हटाना आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय जजों से अपेक्षित उच्च मानकों को सुदृढ़ करता है और समान उल्लंघनों को रोकने के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य करता है। बर्खास्त जज को इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अधिकार है, लेकिन अभी कोई समय सीमा तय नहीं हुई है।
यह मामला भारतीय न्यायालयों द्वारा न्यायिक नैतिकता के कड़े दिशानिर्देशों को लागू करने के निरंतर प्रयासों को उजागर करता है, जिससे सार्वजनिक विश्वास बनाये रखने में मदद मिलती है।