📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maulik Kansara
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गुजरात उच्च न्यायालय ने आदेश दिया: बच्चे के निवास स्थान पर ही पालक व वार्ड अधिनियम के तहत अभिरक्षा याचिका सुनी जानी चाहिए
✍️ Court Book
🗓 24 अक्टू. 2026, 06:32 AM
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गुजरात उच्च न्यायालय ने हाल ही में निर्णय दिया कि पालक व वार्ड अधिनियम के तहत अभिरक्षा याचिका बच्चे के निवास स्थान के अधिकार क्षेत्र में ही सुनी जानी चाहिए।
गुजरात उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया है कि पालक व वार्ड अधिनियम के तहत दायर अभिरक्षा याचिकाएँ बच्चे के निवास स्थान के अधिकार क्षेत्र में सुनी जानी चाहिए। यह निर्णय न्यायालय के क्षेत्रीय सीमाओं को स्पष्ट करता है और बच्चे के सर्वोत्तम हितों की रक्षा का लक्ष्य रखता है। यह निर्णय इस चिंता के बीच आया है कि क्षेत्रीय सीमाओं के पार दायर याचिकाएँ प्रक्रियाओं को विलंबित कर सकती हैं और परिवारों के लिए अनिश्चितता पैदा कर सकती हैं। यह आदेश अभिरक्षा मामलों को सुव्यवस्थित करने और अंतर‑राज्य कानूनी विवादों को कम करने की उम्मीद है।