📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maulik Kansara
अपराध
गुजरात HC ने अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में 38 को मौत की सजा बरकरार रखी
✍️ News18
🗓 07 जुल. 2026, 12:32 PM
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गुजरात उच्च न्यायालय ने 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी ठहराए गए 38 व्यक्तियों की मौत की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने 11 अन्य दोषियों की आजीवन कारावास की सजा की भी पुष्टि की है।
2008 के अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोटों से संबंधित एक महत्वपूर्ण फैसले में, गुजरात उच्च न्यायालय ने विशेष अदालत द्वारा मौत की सजा पाए 38 दोषियों की सजा को बरकरार रखा है। पीठ ने इसी मामले में दोषी पाए गए 11 अन्य व्यक्तियों की आजीवन कारावास की सजा की भी पुष्टि की है।
26 जुलाई, 2008 को हुए इन विस्फोटों में शहर भर में कई लोगों की जान गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। विशेष आतंकवाद निरोधक अधिनियम (POTA) अदालत ने फरवरी 2022 में अपना फैसला सुनाया था, जिसमें 38 लोगों को मौत की सजा और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
उच्च न्यायालय का यह फैसला निचली अदालत के निर्णय की कई अपीलों और समीक्षाओं के बाद आया है। अदालत द्वारा कड़ी सजा की पुष्टि घटना की गंभीरता और उसके बाद की कानूनी प्रक्रिया को रेखांकित करती है।
26 जुलाई, 2008 को हुए इन विस्फोटों में शहर भर में कई लोगों की जान गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। विशेष आतंकवाद निरोधक अधिनियम (POTA) अदालत ने फरवरी 2022 में अपना फैसला सुनाया था, जिसमें 38 लोगों को मौत की सजा और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
उच्च न्यायालय का यह फैसला निचली अदालत के निर्णय की कई अपीलों और समीक्षाओं के बाद आया है। अदालत द्वारा कड़ी सजा की पुष्टि घटना की गंभीरता और उसके बाद की कानूनी प्रक्रिया को रेखांकित करती है।