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02 जुल. 2026
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गुजरात HC: हिंदू विवाह की वैधता अनुष्ठानों पर निर्भर, सिर्फ पंजीकरण पर नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maulik Kansara
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गुजरात HC: हिंदू विवाह की वैधता अनुष्ठानों पर निर्भर, सिर्फ पंजीकरण पर नहीं

✍️ The Times of India 🗓 02 जुल. 2026, 12:15 AM 👁 4

गुजरात उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि हिंदू विवाह की वैधता स्थापित रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों से तय होती है, न कि केवल पंजीकरण के कार्य से।

गुजरात उच्च न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया है कि हिंदू विवाह की वैधता मुख्य रूप से पारंपरिक रीति-रिवाजों और समारोहों के माध्यम से स्थापित होती है, न कि केवल पंजीकरण की कानूनी प्रक्रिया से।

न्यायालय की यह टिप्पणी इंगित करती है कि यद्यपि पंजीकरण एक कानूनी औपचारिकता है, यदि आवश्यक पारंपरिक समारोह संपन्न नहीं हुए हैं तो यह अकेले विवाह को वैधता प्रदान नहीं करता है।

यह रुख न्यायालय की व्याख्या के अनुसार, विवाह की कानूनी स्थिति का निर्धारण करने में पारंपरिक हिंदू विवाह अनुष्ठानों के पालन के महत्व को रेखांकित करता है।