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27 जुल. 2026
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गुजरात उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया: विवाह प्रमाणपत्र से वैध हिंदू विवाह सिद्ध नहीं होता
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maulik Kansara
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गुजरात उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया: विवाह प्रमाणपत्र से वैध हिंदू विवाह सिद्ध नहीं होता

✍️ Business Today 🗓 27 जुल. 2026, 01:48 PM 👁 2

गुजरात उच्च न्यायालय ने कहा कि विवाह प्रमाणपत्र से वैध हिंदू विवाह सिद्ध नहीं होता, अन्य कानूनी शर्तों का पालन अनिवार्य है।

गुजरात उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया जिसमें कहा गया कि केवल विवाह प्रमाणपत्र से हिंदू विवाह वैध नहीं माना जा सकता। यह निर्णय उस याचिका के बाद आया जिसमें एक दम्पति के विवाह को केवल प्रमाणपत्र के माध्यम से दर्ज करने की वैधता पर सवाल उठाया गया था।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण केवल एक औपचारिक कदम है। यह वैध विवाह के लिए आवश्यक अनुष्ठान, गवाहों की उपस्थिति और हिंदू विवाह अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन को प्रतिस्थापित नहीं करता। सभी कानूनी शर्तों का पालन अनिवार्य है।

यह निर्णय दम्पतियों और कानूनी पेशेवरों को याद दिलाता है कि अपूर्ण दस्तावेज़ीकरण भविष्य में विवादों का कारण बन सकता है। सभी आवश्यकताओं को पूरा करने पर जोर देकर, न्यायालय वैवाहिक स्थिति में अस्पष्टता को रोकना चाहता है।

कानूनी विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह फैसला गुजरात में विवाह पंजीकरण के तरीके पर प्रभाव डालेगा, जिससे दम्पतियों को प्रमाणपत्र प्राप्त करने से पहले सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित करना पड़ेगा।
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