📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shamonimulay
बिज़नेस
गुजरात सरकार ने जंबुसर बल्क ड्रग पार्क के लिए प्रोत्साहन योजना की घोषणा
✍️ The Hawk
🗓 30 अक्टू. 2026, 03:37 AM
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गुजरात ने जंबुसर में एक नया बल्क ड्रग पार्क बनाने के लिए सब्सिडी और कर रियायतों की योजना घोषित की, जिससे आयातित दवाओं पर निर्भरता घटेगी।
गुजरात सरकार ने भरतपुर जिले के जंबुसर में एक बल्क ड्रग पार्क के विकास को तेज करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस पैकेज में पूँजी सब्सिडी, कम बिजली दरें और पाँच साल की कर छूट शामिल होगी, जो पार्क में उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने वाली कंपनियों को दी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह योजना घरेलू और विदेशी दोनों फार्मास्यूटिकल कंपनियों को आकर्षित कर भारत के बाजार को एपीआई और तैयार दवाओं की आपूर्ति करने वाला केंद्र बनाने में मदद करेगी। स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देकर राज्य आयातित दवाओं पर निर्भरता घटाना और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बढ़ाना चाहता है।
यह कदम गुजरात की व्यापक औद्योगिक नीति के अंतर्गत आता है, जिसमें फार्मा, रसायन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोत्साहन से बड़े निवेश, क्षेत्र में रोजगार सृजन और भारत में बल्क ड्रग निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में राज्य की स्थिति मजबूत होगी।
सरकार जमीन को रियायती दरों पर उपलब्ध कराएगी और बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए तेज़ मंजूरी प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी। इच्छुक पक्षों को अगले तिमाही के अंत तक प्रस्ताव जमा करने का निर्देश दिया गया है, जबकि पार्क का पहला चरण 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
अधिकारियों का कहना है कि यह योजना घरेलू और विदेशी दोनों फार्मास्यूटिकल कंपनियों को आकर्षित कर भारत के बाजार को एपीआई और तैयार दवाओं की आपूर्ति करने वाला केंद्र बनाने में मदद करेगी। स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देकर राज्य आयातित दवाओं पर निर्भरता घटाना और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बढ़ाना चाहता है।
यह कदम गुजरात की व्यापक औद्योगिक नीति के अंतर्गत आता है, जिसमें फार्मा, रसायन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोत्साहन से बड़े निवेश, क्षेत्र में रोजगार सृजन और भारत में बल्क ड्रग निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में राज्य की स्थिति मजबूत होगी।
सरकार जमीन को रियायती दरों पर उपलब्ध कराएगी और बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए तेज़ मंजूरी प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी। इच्छुक पक्षों को अगले तिमाही के अंत तक प्रस्ताव जमा करने का निर्देश दिया गया है, जबकि पार्क का पहला चरण 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।