📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Priyank Desai
शिक्षा
गुजरात में शिक्षा ऋण की निकासी में 21% की बढ़ोतरी, विदेश पढ़ाई की मांग में कमी
✍️ The Times of India
🗓 27 अग. 2026, 02:17 AM
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वित्तीय वर्ष 2026 की पहली तिमाही में गुजरात में शिक्षा ऋण की निकासी में 21% की वार्षिक वृद्धि हुई, जबकि विदेश में पढ़ाई की मांग में कोई तेज़ी नहीं देखी गई।
गुजरात में वित्तीय वर्ष 2026 की पहली तिमाही में शिक्षा ऋण की निकासी में 21% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जैसा कि टाइम्स ऑफ इंडिया ने रिपोर्ट किया है। यह उछाल राज्य के भीतर उच्च शिक्षा के वित्तीय समर्थन की बढ़ती मांग को दर्शाता है, जहाँ बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने अधिक संख्या में आवेदन स्वीकार किए।
शिक्षा तक पहुँच को आसान बनाने के लिए राज्य‑स्तर के कई कदम और मध्यम वर्ग की बढ़ती संख्या ने इस प्रवृत्ति को तेज़ किया है। ऋणदाताओं ने शहरी और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में उधारकर्ताओं की व्यापकता को नोट किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऋण योजनाओं का लाभ अधिक वर्गों तक पहुँच रहा है।
हालांकि घरेलू ऋण में वृद्धि देखी गई, विदेश में पढ़ाई की मांग इस अवधि में स्थिर रही। आर्थिक अनिश्चितताओं और विदेश में शिक्षा की उच्च लागत के कारण कई छात्रों ने विदेश में अध्ययन के अपने योजनाओं को स्थगित या रद्द कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कारण विदेश‑अधारित ऋणों का हिस्सा निकट भविष्य में भी कम ही रहेगा।
शिक्षा तक पहुँच को आसान बनाने के लिए राज्य‑स्तर के कई कदम और मध्यम वर्ग की बढ़ती संख्या ने इस प्रवृत्ति को तेज़ किया है। ऋणदाताओं ने शहरी और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में उधारकर्ताओं की व्यापकता को नोट किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऋण योजनाओं का लाभ अधिक वर्गों तक पहुँच रहा है।
हालांकि घरेलू ऋण में वृद्धि देखी गई, विदेश में पढ़ाई की मांग इस अवधि में स्थिर रही। आर्थिक अनिश्चितताओं और विदेश में शिक्षा की उच्च लागत के कारण कई छात्रों ने विदेश में अध्ययन के अपने योजनाओं को स्थगित या रद्द कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कारण विदेश‑अधारित ऋणों का हिस्सा निकट भविष्य में भी कम ही रहेगा।