📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ArvindKarad
अपराध
गुजरात के ‘डॉक्टर’ का खुलासा: पुलिस ने बताया कि वह केवल कक्षा 10 के छात्र थे
✍️ The Indian Express
🗓 27 अग. 2026, 03:02 PM
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गुजरात की पुलिस ने पाया कि वर्षों से मरीजों का इलाज करने वाले व्यक्ति वास्तव में केवल कक्षा 10 के छात्र थे, जिससे एक लंबा चल रहा चिकित्सा धोखा उजागर हुआ।
गुजरात की पुलिस ने पुष्टि की कि वर्षों से मरीजों का इलाज करने वाले व्यक्ति केवल कक्षा 10 के छात्र थे, जिससे एक लंबे समय से चल रहा चिकित्सा धोखा उजागर हुआ।
पुलिस के चिकित्सा धोखाधड़ी इकाई के नेतृत्व में जांच के दौरान पता चला कि उस व्यक्ति के पास कोई चिकित्सा लाइसेंस या औपचारिक प्रशिक्षण नहीं था, फिर भी वह एक स्थानीय जिले में क्लिनिक चला रहा था और कई वर्षों तक मरीजों का इलाज कर रहा था।
अधिकारियों ने उसे बिना लाइसेंस के चिकित्सा अभ्यास और मरीजों को धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया। अब वह भारतीय दंड संहिता और दवाइयाँ एवं कॉस्मेटिक्स अधिनियम के तहत आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहा है।
इस मामले ने चिकित्सा पेशेवरों के सख्त सत्यापन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है और राज्य को लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं की समीक्षा करने के लिए प्रेरित किया है।
जो मरीज उस व्यक्ति से इलाज प्राप्त कर चुके हैं, उन्हें लाइसेंस प्राप्त पेशेवरों से चिकित्सा सलाह लेने और किसी भी संदिग्ध प्रथाओं की रिपोर्ट पुलिस को करने की सलाह दी जाती है।
पुलिस के चिकित्सा धोखाधड़ी इकाई के नेतृत्व में जांच के दौरान पता चला कि उस व्यक्ति के पास कोई चिकित्सा लाइसेंस या औपचारिक प्रशिक्षण नहीं था, फिर भी वह एक स्थानीय जिले में क्लिनिक चला रहा था और कई वर्षों तक मरीजों का इलाज कर रहा था।
अधिकारियों ने उसे बिना लाइसेंस के चिकित्सा अभ्यास और मरीजों को धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया। अब वह भारतीय दंड संहिता और दवाइयाँ एवं कॉस्मेटिक्स अधिनियम के तहत आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहा है।
इस मामले ने चिकित्सा पेशेवरों के सख्त सत्यापन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है और राज्य को लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं की समीक्षा करने के लिए प्रेरित किया है।
जो मरीज उस व्यक्ति से इलाज प्राप्त कर चुके हैं, उन्हें लाइसेंस प्राप्त पेशेवरों से चिकित्सा सलाह लेने और किसी भी संदिग्ध प्रथाओं की रिपोर्ट पुलिस को करने की सलाह दी जाती है।