📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lsdjfhkjsb (talk)
स्वास्थ्य
गुजरात के दम्पति ने बेटे की मृत्यु के बाद IVF की माँग की; पत्नी आयु सीमा से अधिक, मामला उच्च न्यायालय में
✍️ Bhaskar English
🗓 10 अग. 2026, 02:19 PM
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गुजरात के एक दम्पति ने अपने युवा पुत्र की मृत्यु के बाद IVF उपचार के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। पत्नी, जो IVF के कानूनी आयु सीमा से अधिक है, उपचार की अनुमति चाहती हैं।
गुजरात के एक दम्पति ने अपने युवा पुत्र की मृत्यु के बाद IVF उपचार के लिए गुजरात उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। पत्नी, जो IVF के कानूनी आयु सीमा से अधिक है, अदालत से उपचार की अनुमति चाहती हैं।
वर्तमान भारतीय नियमों के अनुसार, IVF कराने वाली महिलाओं के लिए कानूनी आयु सीमा 40 वर्ष है। दम्पति का तर्क है कि उनकी परिस्थिति एक अपवाद की मांग करती है, क्योंकि बच्चे की मृत्यु का भावनात्मक असर और एक और बच्चे की इच्छा है। उच्च न्यायालय ने अब इस मामले को सुना है, जो आयु सीमा पर चल रहे बहस में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत का निर्णय समान आयु-सीमित बाधाओं का सामना कर रहे अन्य दम्पतियों के लिए मिसाल कायम कर सकता है। यह मामला भारत में सहायक प्रजनन तकनीकों तक पहुँच में आने वाली चुनौतियों को भी उजागर करता है।
वर्तमान भारतीय नियमों के अनुसार, IVF कराने वाली महिलाओं के लिए कानूनी आयु सीमा 40 वर्ष है। दम्पति का तर्क है कि उनकी परिस्थिति एक अपवाद की मांग करती है, क्योंकि बच्चे की मृत्यु का भावनात्मक असर और एक और बच्चे की इच्छा है। उच्च न्यायालय ने अब इस मामले को सुना है, जो आयु सीमा पर चल रहे बहस में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत का निर्णय समान आयु-सीमित बाधाओं का सामना कर रहे अन्य दम्पतियों के लिए मिसाल कायम कर सकता है। यह मामला भारत में सहायक प्रजनन तकनीकों तक पहुँच में आने वाली चुनौतियों को भी उजागर करता है।