🔥 ट्रेंडिंग 08 अक्टूबर 2026 का मौसम पूर्वानुमान: भ... भोपाल के डॉक्टर ने एक्स‑गर्लफ़्रेंड पर... पुलिस ने एलजीबीटीक्यू कार्यकर्ता मैड स... भारत और इटली ने आतंकवाद, मादक पदार्थ त... भारत-यूएस व्यापार वार्ता में गति घटती,... हुमायूँ कबीर ने कहा, रेजिनागर बायपोल म...
08 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
जीएसटी सुधार ने बदली भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
बिज़नेस

जीएसटी सुधार ने बदली भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार

✍️ The Economic Times 🗓 08 अक्टू. 2026, 04:39 AM 👁 19
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

भारत का सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर सुधार—जीएसटी—ने कर प्रणाली को एकीकृत कर आर्थिक गतिविधियों को नया रूप दिया है।

जुलाई 2017 में लागू किया गया वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) भारत के अप्रत्यक्ष कर ढांचे का सबसे व्यापक पुनर्गठन है। यह कई केंद्रीय और राज्य करों को एकीकृत कर, गंतव्य‑आधारित एक समान कर प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य रखता है।

एक्ज़ाइस ड्यूटी, सर्विस टैक्स और राज्य वैट जैसे कई करों को समेटकर, जीएसटी ने करों की परतों के कारण होने वाले बोझ को समाप्त किया है। इस सरलीकरण ने एकीकृत राष्ट्रीय बाजार का निर्माण किया, जिससे वस्तुओं और सेवाओं का राज्य‑सीमा पार बिना अतिरिक्त कर बाधाओं के प्रवाह आसान हुआ।

व्यापारियों के लिए, इस नई व्यवस्था ने एक सामान्य अनुपालन पोर्टल और मानकीकृत कर दरें प्रस्तुत की हैं। संक्रमण के दौरान लेखा‑जोखा और रिपोर्टिंग में बदलाव की आवश्यकता रही, पर कई उद्यम अब अधिक सहज अंतरराज्यीय संचालन और कम अनुपालन लागत का अनुभव कर रहे हैं।

आर्थिक दृष्टि से, सरलीकृत कर प्रणाली ने पारदर्शिता बढ़ाई है और कर आधार को विस्तारित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वानुमानित कर माहौल निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकता है और सरकारी राजस्व लक्ष्यों को साकार करने में मददगार हो सकता है।

आगे चलकर, नीति निर्माताओं द्वारा जीएसटी दरों और प्रक्रियाओं को विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार समायोजित किया जाएगा, ताकि यह विकास का प्रमुख प्रेरक बना रहे।
📲Get App