📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
बिज़नेस
तमिलनाडु में जीएसटी वृद्धि रुक गई, राजनीतिक व आर्थिक चिंताएँ बढ़ीं
✍️ News18
🗓 04 नव. 2026, 04:36 AM
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तमिलनाडु में जीएसटी संग्रह की वृद्धि रुकने से विपक्षी दलों की आलोचना और राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं।
तमिलनाडु के वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों में बताया गया है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह की वृद्धि दर स्थिर हो गई है, जबकि पहले यह निरंतर बढ़ रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस ठहराव का समय राज्य के विकास कार्यक्रमों के लिए जीएसटी राजस्व पर निर्भरता के साथ आया है।
विरोधी दलों ने इस प्रवृत्ति को लेकर सरकार पर वित्तीय प्रबंधन में लापरवाही का आरोप लगाया है और कर प्रशासन में पारदर्शिता की मांग की है। आगामी स्थानीय चुनावों से पहले राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है, जहाँ पार्टियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह ठहराव जारी रहा तो जनता का भरोसा कम हो सकता है।
अर्थशास्त्री चेतावनी देते हैं कि जीएसटी वृद्धि में लगातार ठहराव से राज्य की वित्तीय गुंजाइश घट सकती है, जिससे बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में खर्च पर असर पड़ सकता है। राज्य वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वह संग्रह गति को पुनर्जीवित करने के लिए नीतिगत कदमों की समीक्षा कर रहा है, पर अभी तक कोई विशिष्ट कदम घोषित नहीं किए गए हैं।
व्यापार जगत के हितधारक इस स्थिति को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि जीएसटी रसीदें आर्थिक गतिविधि का प्रमुख संकेतक हैं। यदि ठहराव जारी रहा तो यह तमिलनाडु के निवेशकों के मनोभाव को भी प्रभावित कर सकता है।
सरकार ने कहा है कि आने वाले हफ्तों में जीएसटी प्रदर्शन पर विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी, जिससे राजनीतिक और आर्थिक दोनों चिंताओं का समाधान हो सकेगा।
विरोधी दलों ने इस प्रवृत्ति को लेकर सरकार पर वित्तीय प्रबंधन में लापरवाही का आरोप लगाया है और कर प्रशासन में पारदर्शिता की मांग की है। आगामी स्थानीय चुनावों से पहले राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है, जहाँ पार्टियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह ठहराव जारी रहा तो जनता का भरोसा कम हो सकता है।
अर्थशास्त्री चेतावनी देते हैं कि जीएसटी वृद्धि में लगातार ठहराव से राज्य की वित्तीय गुंजाइश घट सकती है, जिससे बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में खर्च पर असर पड़ सकता है। राज्य वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वह संग्रह गति को पुनर्जीवित करने के लिए नीतिगत कदमों की समीक्षा कर रहा है, पर अभी तक कोई विशिष्ट कदम घोषित नहीं किए गए हैं।
व्यापार जगत के हितधारक इस स्थिति को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि जीएसटी रसीदें आर्थिक गतिविधि का प्रमुख संकेतक हैं। यदि ठहराव जारी रहा तो यह तमिलनाडु के निवेशकों के मनोभाव को भी प्रभावित कर सकता है।
सरकार ने कहा है कि आने वाले हफ्तों में जीएसटी प्रदर्शन पर विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी, जिससे राजनीतिक और आर्थिक दोनों चिंताओं का समाधान हो सकेगा।