📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance, Government of India
बिज़नेस
जीएसटी परिषद ने दंड में छूट और रिफंड प्रक्रिया तेज करने के बड़े सुधार घोषित किए
✍️ Business Standard
🗓 09 अक्टू. 2026, 02:16 AM
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जीएसटी परिषद ने दंड कम करने और रिफंड की समयसीमा घटाने के लिए सुधारों का पैकेज मंजूर किया, जिससे व्यवसायियों की नकदी प्रवाह में सुधार की उम्मीद है।
जीएसटी परिषद ने इस सप्ताह एक बैठक में दो प्रमुख समस्याओं – दंड और रिफंड में देरी – को दूर करने के लिए व्यापक सुधारों की घोषणा की। राज्य वित्त मंत्रियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया।
नए नियमों के तहत देर से फाइलिंग और गैर‑अनुपालन के लिए लगाए जाने वाले दंड को घटाया गया है, साथ ही वास्तविक त्रुटियों के प्रमाण पर ब्याज दर में कमी और माफी की संभावना रखी गई है। यह कदम छोटे और मध्यम उद्यमों पर वित्तीय बोझ कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
साथ ही, इनपुट‑टैक्स क्रेडिट रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कदम उठाए गए हैं। प्रशासनिक समयसीमा को कड़ा किया गया है और डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली को विस्तारित करके दावेदारों को अधिक पारदर्शिता प्रदान की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि इन सुधारों से स्वैच्छिक अनुपालन में वृद्धि, व्यवसायों के कार्यशील पूँजी में सुधार और पूरे देश में जीएसटी प्रणाली की दक्षता बढ़ेगी।
नए नियमों के तहत देर से फाइलिंग और गैर‑अनुपालन के लिए लगाए जाने वाले दंड को घटाया गया है, साथ ही वास्तविक त्रुटियों के प्रमाण पर ब्याज दर में कमी और माफी की संभावना रखी गई है। यह कदम छोटे और मध्यम उद्यमों पर वित्तीय बोझ कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
साथ ही, इनपुट‑टैक्स क्रेडिट रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कदम उठाए गए हैं। प्रशासनिक समयसीमा को कड़ा किया गया है और डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली को विस्तारित करके दावेदारों को अधिक पारदर्शिता प्रदान की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि इन सुधारों से स्वैच्छिक अनुपालन में वृद्धि, व्यवसायों के कार्यशील पूँजी में सुधार और पूरे देश में जीएसटी प्रणाली की दक्षता बढ़ेगी।