📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Puneetcps
विज्ञान
जीएसआई की डेबोन साइट की मान्यता से पिथौरागढ़ जियोपार्क प्रस्ताव को मिली नई ताकत
✍️ The New Indian Express
🗓 12 अक्टू. 2026, 02:37 AM
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भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण भारत ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में डेबोन स्थल को मान्यता दी, जिससे जियोपार्क के लिए यूनेस्को प्रस्ताव को नई गति मिली।
भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण भारत (जीएसआई) ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित डेबोन स्थल को औपचारिक रूप से मान्यता दी है। इस मान्यता से इस क्षेत्र की चट्टानों और भू‑परिदृश्य की वैज्ञानिक महत्ता सिद्ध होती है।
जीएसआई की इस स्वीकृति से पिथौरागढ़ के यूनेस्को जियोपार्क के प्रस्ताव को महत्वपूर्ण समर्थन मिलेगा। स्थानीय अधिकारियों ने इस भू‑धरोहर, जैव विविधता और सतत पर्यटन की संभावनाओं को उजागर करते हुए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है, और जीएसआई की मान्यता उनके दावों को सुदृढ़ करती है।
प्राधिकरणों का मानना है कि यह मान्यता यूनेस्को की समीक्षा प्रक्रिया को तेज करेगी और संरक्षण तथा सामुदायिक‑आधारित पहलों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता आकर्षित कर सकती है। अगले चरण में राष्ट्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को अंतिम दस्तावेज़ प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद इसे यूनेस्को अंतर्राष्ट्रीय भू‑विज्ञान कार्यक्रम को भेजा जाएगा।
जीएसआई की इस स्वीकृति से पिथौरागढ़ के यूनेस्को जियोपार्क के प्रस्ताव को महत्वपूर्ण समर्थन मिलेगा। स्थानीय अधिकारियों ने इस भू‑धरोहर, जैव विविधता और सतत पर्यटन की संभावनाओं को उजागर करते हुए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है, और जीएसआई की मान्यता उनके दावों को सुदृढ़ करती है।
प्राधिकरणों का मानना है कि यह मान्यता यूनेस्को की समीक्षा प्रक्रिया को तेज करेगी और संरक्षण तथा सामुदायिक‑आधारित पहलों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता आकर्षित कर सकती है। अगले चरण में राष्ट्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को अंतिम दस्तावेज़ प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद इसे यूनेस्को अंतर्राष्ट्रीय भू‑विज्ञान कार्यक्रम को भेजा जाएगा।