📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gpkp
विज्ञान
जीएसआई ने चेतावनी दी: हेब्बल टनल से 3 अरब वर्ष पुरानी लालबाग चट्टान खतरे में
✍️ The Indian Express
🗓 06 सित. 2026, 07:18 PM
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भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण भारत ने चेतावनी दी है कि हेब्बल टनल की योजना लालबाग बोटैनिकल गार्डन में 3 अरब वर्ष पुरानी चट्टान को नुकसान पहुँचा सकती है।
भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण भारत (जीएसआई) ने चेतावनी दी है कि बैंगलोर के हेब्बल क्षेत्र में प्रस्तावित टनल परियोजना लालबाग बोटैनिकल गार्डन में स्थित 3 अरब वर्ष पुरानी चट्टान को खतरे में डाल सकती है।
जीएसआई का बयान, जो इस सप्ताह पहले जारी किया गया, चट्टान के भूवैज्ञानिक महत्व और भूमिगत निर्माण के संभावित प्रभाव को रेखांकित करता है।
बैंगलोर के अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि टनल आगे बढ़ेगा या नहीं, पर जीएसआई की चेतावनी यह दर्शाती है कि बुनियादी ढाँचे के विकास से पहले विरासत स्थलों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन आवश्यक है।
लालबाग की चट्टान, शहर के प्राचीन भूवैज्ञानिक इतिहास का हिस्सा है, और वैज्ञानिकों व आगंतुकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है।
सभी हितधारक अब इस स्थल को संभावित क्षति से बचाने के लिए एक विस्तृत पर्यावरणीय और भूवैज्ञानिक समीक्षा की माँग कर रहे हैं।
जीएसआई का बयान, जो इस सप्ताह पहले जारी किया गया, चट्टान के भूवैज्ञानिक महत्व और भूमिगत निर्माण के संभावित प्रभाव को रेखांकित करता है।
बैंगलोर के अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि टनल आगे बढ़ेगा या नहीं, पर जीएसआई की चेतावनी यह दर्शाती है कि बुनियादी ढाँचे के विकास से पहले विरासत स्थलों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन आवश्यक है।
लालबाग की चट्टान, शहर के प्राचीन भूवैज्ञानिक इतिहास का हिस्सा है, और वैज्ञानिकों व आगंतुकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है।
सभी हितधारक अब इस स्थल को संभावित क्षति से बचाने के लिए एक विस्तृत पर्यावरणीय और भूवैज्ञानिक समीक्षा की माँग कर रहे हैं।