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08 अक्टू. 2026•
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सरकार ने 2026-30 में भारत की प्राकृतिक संपदा के मूल्यांकन का रोडमैप जारी किया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DelwarHossain
बिज़नेस

सरकार ने 2026-30 में भारत की प्राकृतिक संपदा के मूल्यांकन का रोडमैप जारी किया

✍️ Business Standard 🗓 08 अक्टू. 2026, 06:21 AM 👁 20
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केंद्रीय सरकार ने देश के प्राकृतिक संसाधनों के आर्थिक मूल्य को मापने के लिए पाँच साल का योजना जारी की, जिसका लक्ष्य पारिस्थितिकी सेवाओं को राष्ट्रीय लेखा‑जोखा में शामिल करना है।

नई दिल्ली – पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 2026‑30 के लिए एक विस्तृत रोडमैप पेश किया, जिसमें भारत के जंगलों, नदियों, जैव विविधता और अन्य प्राकृतिक संपदा के आर्थिक मूल्य को व्यवस्थित रूप से मापने की योजना है। इस ढाँचे में अंतरराष्ट्रीय मान्य मूल्यांकन तकनीकों, जैसे पारिस्थितिकी‑सेवा लेखा‑जोखा, को अपनाकर डेटा तैयार किया जाएगा, जिसे राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में शामिल किया जा सकेगा।

अधिकारियों ने बताया कि यह पहल प्रकृति के आर्थिक विकास में योगदान को उजागर करने और संरक्षण, भूमि‑उपयोग तथा जलवायु शमन संबंधी नीतियों को दिशा‑निर्देश देने के उद्देश्य से है। एक विशेष कार्यदल राज्य सरकारों, अनुसंधान संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर आधारभूत डेटा एकत्र करेगा और मूल्यांकन मॉडल तैयार करेगा।

सरकार वार्षिक मध्यवर्ती रिपोर्टें जारी करने और रोडमैप अवधि के अंत तक सम्पूर्ण मूल्यांकन प्रकाशित करने का लक्ष्य रखती है। इस रिपोर्ट के आधार पर निवेशकों को हरित बुनियादी ढाँचे में निवेश को प्राथमिकता देने और वैश्विक पर्यावरणीय समझौतों के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं को सुदृढ़ करने की राह दिखेगी।
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