📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Communications
टेक्नोलॉजी
सरकार ने भारतीय सैटकॉम कंपनियों के लिए ग्राहक‑केन्द्रित नीति दोहराई
✍️ Asianet Newsable
🗓 06 नव. 2026, 03:38 PM
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केंद्रीय सरकार ने स्पष्ट किया कि सैटेलाइट संचार कंपनियों को ग्राहक हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
नई दिल्ली – संचार मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारतीय सैटेलाइट‑कम्युनिकेशन (सैटकॉम) कंपनियों के प्रति सरकार का रुख "ग्राहक ही राजा है" सिद्धांत पर आधारित है। यह स्पष्टिकरण सेक्टर के नियामक ढांचे और सेवा गुणवत्ता से जुड़ी चल रही चर्चाओं के बीच आया है।
बयान में कहा गया कि सैटकॉम ऑपरेटरों को अपने व्यापार मॉडल को उपभोक्ता की जरूरतों के अनुरूप बनाना चाहिए, जिससे किफायती और विश्वसनीय कनेक्टिविटी पूरे देश में उपलब्ध हो सके। सरकार ने प्रतिस्पर्धी माहौल को बढ़ावा देने और उपयोगकर्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उद्योग विशेषज्ञों ने बताया कि इस घोषणा से लाइसेंसिंग, स्पेक्ट्रम आवंटन और सेवा मानकों पर स्पष्ट दिशा‑निर्देश मिलने की संभावना है, हालांकि अभी तक कोई विशिष्ट नीति कदम घोषित नहीं किए गए हैं।
मंत्रालय ने सभी हितधारकों से अनुरोध किया कि वे विशेषकर दूरदराज और underserved क्षेत्रों में सहज सैटेलाइट‑आधारित सेवाओं के प्रसार में सहयोग दें, जिससे डिजिटल समावेशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार किया जा सके।
बयान में कहा गया कि सैटकॉम ऑपरेटरों को अपने व्यापार मॉडल को उपभोक्ता की जरूरतों के अनुरूप बनाना चाहिए, जिससे किफायती और विश्वसनीय कनेक्टिविटी पूरे देश में उपलब्ध हो सके। सरकार ने प्रतिस्पर्धी माहौल को बढ़ावा देने और उपयोगकर्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उद्योग विशेषज्ञों ने बताया कि इस घोषणा से लाइसेंसिंग, स्पेक्ट्रम आवंटन और सेवा मानकों पर स्पष्ट दिशा‑निर्देश मिलने की संभावना है, हालांकि अभी तक कोई विशिष्ट नीति कदम घोषित नहीं किए गए हैं।
मंत्रालय ने सभी हितधारकों से अनुरोध किया कि वे विशेषकर दूरदराज और underserved क्षेत्रों में सहज सैटेलाइट‑आधारित सेवाओं के प्रसार में सहयोग दें, जिससे डिजिटल समावेशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार किया जा सके।