📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
राजनीति
गोवा ने 2027 के चुनाव से पहले अनुसूचित जनजाति आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
✍️ India Today
🗓 03 नव. 2026, 03:16 PM
👁 17
गोवा सरकार 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अनुसूचित जनजाति आरक्षण नीति को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।
गोवा सरकार ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षण व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का इरादा जताया है। यह कदम आरक्षण की वैधता और सीमा को लेकर स्पष्टता पाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिसपर राज्य में राजनीतिक बहस चल रही है।
राज्य अधिकारियों का कहना है कि चुनाव शेड्यूल तय होने से पहले ही याचिका दायर की जाएगी, क्योंकि आरक्षण में किसी भी अनिश्चितता से उम्मीदवार चयन और मतदाता अपेक्षाओं पर असर पड़ सकता है। विशिष्ट कानूनी तर्क अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर पहले के न्यायिक निर्णयों का हवाला दिया जा सकता है।
यह मुद्दा विपक्षी दलों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो कहते हैं कि आरक्षण से चुनावी संतुलन बदल सकता है, जबकि जनजातीय समूह पर्याप्त प्रतिनिधित्व को लेकर चिंतित हैं। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय गोवा के चुनावी परिदृश्य को आकार देगा, क्योंकि पार्टियां आगामी चुनाव की तैयारियों में लगी हैं।
राज्य अधिकारियों का कहना है कि चुनाव शेड्यूल तय होने से पहले ही याचिका दायर की जाएगी, क्योंकि आरक्षण में किसी भी अनिश्चितता से उम्मीदवार चयन और मतदाता अपेक्षाओं पर असर पड़ सकता है। विशिष्ट कानूनी तर्क अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर पहले के न्यायिक निर्णयों का हवाला दिया जा सकता है।
यह मुद्दा विपक्षी दलों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो कहते हैं कि आरक्षण से चुनावी संतुलन बदल सकता है, जबकि जनजातीय समूह पर्याप्त प्रतिनिधित्व को लेकर चिंतित हैं। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय गोवा के चुनावी परिदृश्य को आकार देगा, क्योंकि पार्टियां आगामी चुनाव की तैयारियों में लगी हैं।