📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Tourism
यात्रा
गोवा मंत्री ने पर्यटकों के ठहराव बढ़ाने के लिए ‘प्लस‑वन इकोनॉमी’ की पेशकश की
✍️ India Today
🗓 23 अग. 2026, 02:03 AM
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गोवा के पर्यटन मंत्री ने ‘प्लस‑वन इकोनॉमी’ अपनाने की मांग की, जिससे पर्यटक अपने प्रवास में एक अतिरिक्त दिन जोड़ सकें।
गोवा के पर्यटन मंत्री ने पर्यटकों के औसत ठहराव अवधि को बढ़ाने के लिए “प्लस‑वन इकोनॉमी” नामक नई रणनीति का प्रस्ताव रखा। इस योजना के तहत यात्रियों को अतिरिक्त एक दिन जोड़ने के लिए विशेष अनुभव और प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।
इस योजना में होटलों, रेस्तरां और स्थानीय आकर्षणों को मिलकर दो‑तीन दिन की सामान्य यात्रा के बाद एक अतिरिक्त दिन की यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम या साहसिक गतिविधि वाला पैकेज तैयार करने की बात कही गई है। मंत्री ने कहा कि ठहराव अवधि बढ़ाने से छोटे व्यवसायों की आय में इजाफा होगा और पीक सीज़न में भीड़भाड़ कम होगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल आगामी पर्यटन मौसम में लागू की जाएगी, जिसमें उत्तर गोवा और दक्षिण गोवा के प्रमुख क्षेत्रों में पायलट प्रोग्राम चलाए जाएंगे। उनका अनुमान है कि औसत ठहराव में मामूली वृद्धि से प्रति व्यक्ति खर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, बिना आगंतुकों की संख्या में बड़े बदलाव के।
यह प्रस्ताव राज्य की व्यापक योजना के साथ मेल खाता है, जिसमें गोवा की पर्यटन को केवल समुद्र तट‑केन्द्रित छुट्टियों से आगे बढ़ाकर विरासत स्थल, इको‑टूरिज्म और स्थानीय व्यंजनों को प्रमुखता देने का लक्ष्य है, जिससे सतत विकास को बढ़ावा मिले।
इस योजना में होटलों, रेस्तरां और स्थानीय आकर्षणों को मिलकर दो‑तीन दिन की सामान्य यात्रा के बाद एक अतिरिक्त दिन की यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम या साहसिक गतिविधि वाला पैकेज तैयार करने की बात कही गई है। मंत्री ने कहा कि ठहराव अवधि बढ़ाने से छोटे व्यवसायों की आय में इजाफा होगा और पीक सीज़न में भीड़भाड़ कम होगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल आगामी पर्यटन मौसम में लागू की जाएगी, जिसमें उत्तर गोवा और दक्षिण गोवा के प्रमुख क्षेत्रों में पायलट प्रोग्राम चलाए जाएंगे। उनका अनुमान है कि औसत ठहराव में मामूली वृद्धि से प्रति व्यक्ति खर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, बिना आगंतुकों की संख्या में बड़े बदलाव के।
यह प्रस्ताव राज्य की व्यापक योजना के साथ मेल खाता है, जिसमें गोवा की पर्यटन को केवल समुद्र तट‑केन्द्रित छुट्टियों से आगे बढ़ाकर विरासत स्थल, इको‑टूरिज्म और स्थानीय व्यंजनों को प्रमुखता देने का लक्ष्य है, जिससे सतत विकास को बढ़ावा मिले।