📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Fredericknoronha
मनोरंजन
नवरात्रि में कर्नाटक के जंगलों में गोवा की लोक परंपराएँ
✍️ The Times of India
🗓 19 अक्टू. 2026, 03:37 AM
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नवरात्रि के नौ रातों के दौरान, गोवा के कलाकारों ने कर्नाटक के जंगलों में पारंपरिक नृत्य और संगीत का प्रदर्शन किया, जिससे स्थानीय और पर्यटक दर्शकों को आकर्षित किया।
कर्नाटक के पश्चिमी घाट के जंगलों ने नवरात्रि के 1 से 9 सितंबर तक गोवा की लोक संस्कृति के लिए एक जीवंत मंच का काम किया। स्थानीय आयोजकों ने गोवा के संगीतकारों, नर्तकों और कथाकारों को बाहरी कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित किया, जो ऊँचे पेड़ों और धुंधली पहाड़ियों के बीच आयोजित हुए। ‘मंडो’ नृत्य, ‘सोपाना’ गीत और ‘ढोल’ की ताल जैसी पारंपरिक शैलियों को प्रस्तुत किया गया, जिससे गोवा की समृद्ध विरासत की झलक मिली। इस कार्यक्रम ने निवासियों, ट्रेकर्स और पर्यटकों का मिश्रण आकर्षित किया, जिन्होंने अपनी अनुभवों को सोशल मीडिया पर साझा किया और प्रकृति व संस्कृति के इस अनोखे मिश्रण की प्रशंसा की। आयोजकों का लक्ष्य है कि यह पहल क्षेत्रीय सांस्कृतिक आदान‑प्रदान को बढ़ावा दे और क्षेत्र में इको‑पर्यटन को प्रोत्साहित करे।