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गोवा कोर्ट ने बलात्कार के आरोप में आरोपी को रिहा किया, वैवाहिक बलात्कार को नहीं मानता कानून
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
अपराध

गोवा कोर्ट ने बलात्कार के आरोप में आरोपी को रिहा किया, वैवाहिक बलात्कार को नहीं मानता कानून

✍️ The Indian Express 🗓 23 अग. 2026, 09:38 AM 👁 42
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गोवा के एक न्यायालय ने वैवाहिक बलात्कार के आरोप में आरोपी को रिहा कर दिया, क्योंकि भारतीय कानून में वैवाहिक बलात्कार को अपराध नहीं माना गया है।

गोवा के एक ट्रायल कोर्ट ने सोमवार को वैवाहिक बलात्कार के आरोप में आरोपी को रिहा कर दिया। न्यायाधीश ने कहा कि भारतीय दंड संहिता में वैवाहिक बलात्कार को अपराध के रूप में परिभाषित नहीं किया गया है, इसलिए अभियोजन पक्ष ने सहमति न होने को सिद्ध नहीं कर पाया।

यह फैसला भारतीय आपराधिक कानून में मौजूद एक प्रमुख अंतर को उजागर करता है: जबकि अन्य सभी यौन अपराध दंडनीय हैं, पति‑पत्नी के बीच के यौन संबंध को दंड के दायरे से बाहर रखा गया है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस अपवाद से लैंगिक समानता और पीड़िता सुरक्षा पर बहस जारी है।

मानवाधिकार संगठनों ने लगातार विधायिका से दंड संहिता में वैवाहिक बलात्कार को शामिल करने की मांग की है, यह तर्क देते हुए कि मौजूदा व्यवस्था कई महिलाओं को असुरक्षित छोड़ देती है। कोर्ट का आदेश वर्तमान वैधानिक स्थिति को दर्शाता है, और अब तक इस पर कोई अपील दर्ज नहीं हुई है।
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