📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Fredericknoronha
राजनीति
गांव सीएम ने 'फ्री उमर खालिद' पर्ची पर पुलिस पूछताछ का बचाव किया
✍️ The Indian Express
🗓 31 जुल. 2026, 09:04 PM
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गांव के मुख्यमंत्री ने 'फ्री उमर खालिद' पर्ची पर पुलिस पूछताछ का बचाव किया, यह कहते हुए कि जाँच उचित थी।
गांव में एक प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने पूछताछ की जब उसने "फ्री उमर खालिद" लिखी पर्ची दिखाई। इस घटना ने मीडिया का ध्यान खींचा और राज्य के मुख्यमंत्री ने इस पर प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार था और यह कार्रवाई मानक प्रक्रिया के अनुरूप थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पर्ची स्वयं अवैध नहीं थी और प्रदर्शनकारियों पर किसी भी गलत काम का आरोप नहीं था।
यह बयान तब जारी किया गया जब रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों को पूछताछ के दौरान थोड़े समय के लिए हिरासत में लिया गया था। मुख्यमंत्री ने ज़ोर दिया कि कानून प्रवर्तन अपने दायित्व के भीतर कार्य कर रहा था।
इस घटना ने उमर खालिद के मामले के प्रति चल रही संवेदनशीलता और गोवा में सार्वजनिक प्रदर्शनों के प्रबंधन में पुलिस की भूमिका को उजागर किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार था और यह कार्रवाई मानक प्रक्रिया के अनुरूप थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पर्ची स्वयं अवैध नहीं थी और प्रदर्शनकारियों पर किसी भी गलत काम का आरोप नहीं था।
यह बयान तब जारी किया गया जब रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों को पूछताछ के दौरान थोड़े समय के लिए हिरासत में लिया गया था। मुख्यमंत्री ने ज़ोर दिया कि कानून प्रवर्तन अपने दायित्व के भीतर कार्य कर रहा था।
इस घटना ने उमर खालिद के मामले के प्रति चल रही संवेदनशीलता और गोवा में सार्वजनिक प्रदर्शनों के प्रबंधन में पुलिस की भूमिका को उजागर किया।