📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Fredericknoronha
राजनीति
गोवा के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा: अंतिम रोल से 97 मतदाता बाहर, अलग प्रक्रिया, SIR विवाद के बीच
✍️ India Today
🗓 25 सित. 2026, 04:32 AM
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गोवा के मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि 97 मतदाताओं को अंतिम रोल से बाहर कर अलग प्रक्रिया में रखा गया है, जबकि कई नए नाम दर्ज हुए हैं, SIR विवाद के बीच।
गोवा के मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि आगामी चुनावों के लिए तैयार किए गए अंतिम मतदाता रोल में 97 मतदाता शामिल नहीं हो पाए। इन नामों को अलग प्रक्रिया में रखकर पुनः सत्यापन किया जाएगा, न कि पूरी तरह से बाहर किया गया।
इसी समय अधिकारी ने यह भी कहा कि कई नए मतदाता सफलतापूर्वक नामांकित हो चुके हैं, जिससे राज्य की मतदाता सूची में वृद्धि हुई है। यह दोहरा कदम सटीकता और समावेशिता दोनों को संतुलित करने का प्रयास दर्शाता है।
यह घोषणा तब आई है जब राज्य में सप्लीमेंटरी इंडियन रजिस्टर (SIR) को लेकर तीव्र बहस चल रही है। SIR मुख्य रोल में त्रुटियों और चूकों को सुधारने के लिए बनाया गया एक अतिरिक्त सूची है, परन्तु इसकी समयसीमा और पारदर्शिता को लेकर आलोचनाएँ उठ रही थीं। इस संदर्भ में 97 बाहर रखे गए नामों के बारे में स्पष्टता देना आवश्यक माना गया।
चुनावी अधिकारियों ने कहा कि अलग प्रक्रिया भी मुख्य रोल के समान सत्यापन मानकों का पालन करेगी, जिससे इन 97 में से कोई भी पात्र मतदाता अंतिम समय सीमा से पहले सूची में शामिल हो सके। यह कदम कानूनी चुनौतियों को कम करने और निर्धारित मतदान के लिए मतदाता रोल में भरोसा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इसी समय अधिकारी ने यह भी कहा कि कई नए मतदाता सफलतापूर्वक नामांकित हो चुके हैं, जिससे राज्य की मतदाता सूची में वृद्धि हुई है। यह दोहरा कदम सटीकता और समावेशिता दोनों को संतुलित करने का प्रयास दर्शाता है।
यह घोषणा तब आई है जब राज्य में सप्लीमेंटरी इंडियन रजिस्टर (SIR) को लेकर तीव्र बहस चल रही है। SIR मुख्य रोल में त्रुटियों और चूकों को सुधारने के लिए बनाया गया एक अतिरिक्त सूची है, परन्तु इसकी समयसीमा और पारदर्शिता को लेकर आलोचनाएँ उठ रही थीं। इस संदर्भ में 97 बाहर रखे गए नामों के बारे में स्पष्टता देना आवश्यक माना गया।
चुनावी अधिकारियों ने कहा कि अलग प्रक्रिया भी मुख्य रोल के समान सत्यापन मानकों का पालन करेगी, जिससे इन 97 में से कोई भी पात्र मतदाता अंतिम समय सीमा से पहले सूची में शामिल हो सके। यह कदम कानूनी चुनौतियों को कम करने और निर्धारित मतदान के लिए मतदाता रोल में भरोसा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।