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ग्वालियर पुलिस विवेचकों के लिए नवीन आपराधिक कानूनों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ
ग्वालियर में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और विवेचना की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से पुलिस विवेचकों के लिए दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ है। इस प्रशिक्षण में ई-विवेचना और ई-साक्ष्य पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ग्वालियर। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों और पुलिस मुख्यालय भोपाल के आदेशानुसार, ग्वालियर पुलिस के विवेचकों के लिए नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विवेचना की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम आज, 10 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ हुआ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) के निर्देश पर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मध्य/यातायात) श्री सुजावल जग्गा (भापुसे) के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस विवेचकों को नवीन कानूनी प्रावधानों एवं डिजिटल प्रक्रियाओं से अद्यतन कर विवेचना को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुजावल जग्गा ने उपस्थित विवेचकों को संबोधित करते हुए कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उनका गहन अध्ययन और व्यावहारिक समझ अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विवेचकों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उन्हें एक बेहतर विवेचक के रूप में तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ई-विवेचना एवं ई-साक्ष्य की प्रक्रियाओं की सही जानकारी से विवेचना को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।
श्री जग्गा ने विवेचकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और विवेचना के दौरान आने वाली कठिनाइयों को बोझ न समझकर, बल्कि उन्हें चुनौती के रूप में स्वीकार कर उनका समाधान खोजना चाहिए। उन्होंने निरंतर सीखने और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने पर बल दिया, जिससे विवेचक अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक दक्षता के साथ कर सकें।
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीसीटीएनएस से आए प्रशिक्षक उप निरीक्षक श्री अमित शर्मा, श्री विजय सिंह सिकरवार और श्री संजय बनवारिया द्वारा टैबलेट के माध्यम से ई-विवेचना एवं ई-साक्ष्य की प्रक्रिया के संबंध में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने डिजिटल माध्यम से विवेचना किए जाने की प्रक्रिया, संबंधित तकनीकी पहलुओं तथा कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विवेचकों से ई-विवेचना के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं की जानकारी लेकर उनका समाधान भी बताया गया, ताकि वे अपने दैनिक कार्यों में डिजिटल प्रणालियों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुजावल जग्गा ने उपस्थित विवेचकों को संबोधित करते हुए कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उनका गहन अध्ययन और व्यावहारिक समझ अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विवेचकों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उन्हें एक बेहतर विवेचक के रूप में तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ई-विवेचना एवं ई-साक्ष्य की प्रक्रियाओं की सही जानकारी से विवेचना को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।
श्री जग्गा ने विवेचकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और विवेचना के दौरान आने वाली कठिनाइयों को बोझ न समझकर, बल्कि उन्हें चुनौती के रूप में स्वीकार कर उनका समाधान खोजना चाहिए। उन्होंने निरंतर सीखने और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने पर बल दिया, जिससे विवेचक अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक दक्षता के साथ कर सकें।
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीसीटीएनएस से आए प्रशिक्षक उप निरीक्षक श्री अमित शर्मा, श्री विजय सिंह सिकरवार और श्री संजय बनवारिया द्वारा टैबलेट के माध्यम से ई-विवेचना एवं ई-साक्ष्य की प्रक्रिया के संबंध में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने डिजिटल माध्यम से विवेचना किए जाने की प्रक्रिया, संबंधित तकनीकी पहलुओं तथा कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विवेचकों से ई-विवेचना के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं की जानकारी लेकर उनका समाधान भी बताया गया, ताकि वे अपने दैनिक कार्यों में डिजिटल प्रणालियों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।