📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
राजनीति
गौहाटी हाई कोर्ट ने पूर्व असम PCCF एम.के. यादव की तीसरी अवधि को चुनौती पर नोटिस जारी
✍️ The Hindu
🗓 13 सित. 2026, 05:22 PM
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पर्यावरण मंत्रालय द्वारा यादव के कार्यकाल में पाई गई कमियों को लेकर दायर याचिका पर गौहाटी हाई कोर्ट ने उनकी तीसरी अवधि को चुनौती देने के लिए नोटिस जारी किया।
गौहाटी हाई कोर्ट ने पूर्व असम प्रधान मुख्य वन संरक्षक एम.के. यादव को दी गई तीसरी अवधि को चुनौती देने वाले याचिका पर औपचारिक नोटिस जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि यह अवधि प्रक्रिया के नियमों के विरुद्ध है और इसे रद्द करने की मांग की गई है।
याचिका के अनुसार, पर्यावरण मंत्रालय ने यादव के कार्यकाल के दौरान, जो फरवरी 2024 में सेवानिवृत्त हुए, वन प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कई कमियों की पहचान की थी। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इन कमियों के कारण उनकी सेवा का विस्तार उचित नहीं ठहरता।
कोर्ट का नोटिस इस बात का संकेत देता है कि मामला विस्तृत रूप से जांचा जाएगा, और हाई कोर्ट मंत्रालय की रिपोर्ट और याचिकाकर्ता के दावों के आधार पर आगे की सुनवाई या निर्देश जारी कर सकता है। इस निर्णय से राज्य में वरिष्ठ वन अधिकारियों के सेवानिवृत्ति‑उपरांत विस्तार की प्रक्रिया पर precedent बन सकता है।
याचिका के अनुसार, पर्यावरण मंत्रालय ने यादव के कार्यकाल के दौरान, जो फरवरी 2024 में सेवानिवृत्त हुए, वन प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कई कमियों की पहचान की थी। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इन कमियों के कारण उनकी सेवा का विस्तार उचित नहीं ठहरता।
कोर्ट का नोटिस इस बात का संकेत देता है कि मामला विस्तृत रूप से जांचा जाएगा, और हाई कोर्ट मंत्रालय की रिपोर्ट और याचिकाकर्ता के दावों के आधार पर आगे की सुनवाई या निर्देश जारी कर सकता है। इस निर्णय से राज्य में वरिष्ठ वन अधिकारियों के सेवानिवृत्ति‑उपरांत विस्तार की प्रक्रिया पर precedent बन सकता है।