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गढ़वा में नकली मिठाई के खिलाफ फिर से अभियान? जिला प्रशासन से सवाल
गढ़वा के पूर्व एसडीएम संजय पाण्डेय के नकली मिठाई के खिलाफ चलाए गए अभियान के बाद, उनके स्थानांतरण के बाद यह प्रयास ठंडा पड़ गया है। नवरात्रि में ट्रक द्वारा नकली मिठाई फेंके जाने की घटना के बावजूद, प्रभावी कार्रवाई अभी भी अनुपस्थित है।
गढ़वा में नकली मिठाई के कारोबार पर फिर कब चलेगा प्रशासन का डंडा? दीपावली के नजदीक आने से मिठाई के नाम पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ रोकना जिला प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
पूर्व एसडीएम संजय पाण्डेय ने अपने कार्यकाल में नकली मिठाई के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया था। उनके स्थानांतरण के बाद वह अभियान ठंडे बस्ते में क्यों चला गया, यह सवाल उठता है।
नवरात्रि के दौरान शहर में एक ट्रक नकली मिठाई फेंके जाने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है।
वर्तमान जिला प्रशासन से सीधा सवाल है—क्या पूर्व एसडीएम संजय पाण्डेय की तरह एक बार फिर नकली मिठाई के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा? मिठाई के कारखानों, गोदामों और दुकानों की जांच हो, नमूने लिए जाएं और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। त्योहार खुशियां बांटने के लिए हैं, बीमारियां नहीं।
पूर्व एसडीएम संजय पाण्डेय ने अपने कार्यकाल में नकली मिठाई के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया था। उनके स्थानांतरण के बाद वह अभियान ठंडे बस्ते में क्यों चला गया, यह सवाल उठता है।
नवरात्रि के दौरान शहर में एक ट्रक नकली मिठाई फेंके जाने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है।
वर्तमान जिला प्रशासन से सीधा सवाल है—क्या पूर्व एसडीएम संजय पाण्डेय की तरह एक बार फिर नकली मिठाई के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा? मिठाई के कारखानों, गोदामों और दुकानों की जांच हो, नमूने लिए जाएं और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। त्योहार खुशियां बांटने के लिए हैं, बीमारियां नहीं।