स्थानीय
ग्राम सुवासा में रावण दहन की परंपरा पर प्रश्नचिन्ह, 10 वर्षों से नहीं हुआ आयोजन
ग्राम सुवासा में पिछले 10 वर्षों से रावण दहन का आयोजन नहीं किया गया है, जबकि इसके लिए पंचायत में बजट आवंटित किया जाता है।
ग्राम सुवासा में दशहरा पर्व पर होने वाले रावण दहन की परंपरा पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लगभग 10 साल पहले तक ग्राम में धूमधाम से रावण दहन का आयोजन किया जाता था, लेकिन पिछले एक दशक से यह आयोजन बंद है।
यह स्थिति तब है जब पंचायत स्तर पर रावण दहन के आयोजन के लिए बजट आवंटित किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बजट होने के बावजूद आयोजन न होना चिंता का विषय है।
इस परंपरा के बंद होने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन स्थानीय लोगों में इस संबंध में नाराजगी देखी जा रही है। उम्मीद है कि आगामी वर्षों में इस परंपरा को पुनः जीवित किया जाएगा।
यह स्थिति तब है जब पंचायत स्तर पर रावण दहन के आयोजन के लिए बजट आवंटित किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बजट होने के बावजूद आयोजन न होना चिंता का विषय है।
इस परंपरा के बंद होने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन स्थानीय लोगों में इस संबंध में नाराजगी देखी जा रही है। उम्मीद है कि आगामी वर्षों में इस परंपरा को पुनः जीवित किया जाएगा।