📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Chetan Gole from Nagpur, India
धर्म
19 सितंबर को पूरे भारत में गणपति विसर्जन समारोह आयोजित
✍️ lokmat.news18.com
🗓 20 सित. 2026, 07:16 PM
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19 सितंबर को पूरे भारत में भक्तों ने गणपति विसर्जन समारोह का आयोजन किया, जो गणेश चतुर्थी के अंत को दर्शाता है।
19 सितंबर को गणपति विसर्जन समारोह भारत के शहरों और कस्बों में मनाया गया, जिससे गणेश चतुर्थी के उत्सव का समापन हुआ। भक्तों ने मिट्टी या लकड़ी के गणेश मूर्तियों को नदियों, झीलों या समुद्र में डुबोया, पारंपरिक अनुष्ठानों का पालन करते हुए।
विसर्जन से त्योहार का समापन होता है, जो देवता के आशीर्वाद लेने के बाद उनके दिव्य निवास पर लौटने का प्रतीक है। परिवार और सामुदायिक समूह अक्सर मूर्तियों को जटिल सजावट के साथ तैयार करते हैं।
विसर्जन के दौरान भक्त स्तोत्र गाते हैं, फूल और मिठाई अर्पित करते हैं, और आरती करते हैं, जिससे देवता की कृपा प्राप्त की जाती है। यह अनुष्ठान संगीत और सामूहिक जुटान के साथ होता है, जो एकता और भक्ति की भावना को बढ़ाता है।
गणपति विसर्जन का यह राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाना भारत के विविध प्रदेशों में गणेश जी के प्रति सांस्कृतिक महत्व और सामूहिक श्रद्धा को दर्शाता है।
विसर्जन से त्योहार का समापन होता है, जो देवता के आशीर्वाद लेने के बाद उनके दिव्य निवास पर लौटने का प्रतीक है। परिवार और सामुदायिक समूह अक्सर मूर्तियों को जटिल सजावट के साथ तैयार करते हैं।
विसर्जन के दौरान भक्त स्तोत्र गाते हैं, फूल और मिठाई अर्पित करते हैं, और आरती करते हैं, जिससे देवता की कृपा प्राप्त की जाती है। यह अनुष्ठान संगीत और सामूहिक जुटान के साथ होता है, जो एकता और भक्ति की भावना को बढ़ाता है।
गणपति विसर्जन का यह राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाना भारत के विविध प्रदेशों में गणेश जी के प्रति सांस्कृतिक महत्व और सामूहिक श्रद्धा को दर्शाता है।