📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
अपराध
एफटीएल के पास केरवा-कलियासोत में अवैध निर्माण: डेयरी, मछली फार्म, रेस्टोरेंट
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 09 सित. 2026, 08:48 PM
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एनजीटी की जांच में पता चला कि एफटीएल ने केरवा-कलियासोत के पास 10 फीट दूर पक्का निर्माण किया है, जिसमें मछली फार्म, डेयरी और कई व्यावसायिक गतिविधियाँ शामिल हैं, जबकि जलभराव क्षेत्र में मुनारें लगाकर अवैध रूप से सड़क बनाई गई है।
एनजीटी ने केरवा-कलियासोत के पास एफटीएल द्वारा अवैध निर्माण की पुष्टि की है, जो जलभराव क्षेत्र के पास 10 फीट दूर पक्का ढांचा है। इस ढांचे में मछली फार्म, डेयरी और कई रेस्टोरेंट हैं।
जांच में यह भी पता चला कि जलभराव वाली जमीन पर मुनारों के साथ सड़क बनाई गई है, जिसे किसी भी आधिकारिक अनुमति के बिना किया गया है। यह निर्माण केरवा नदी के संरक्षण के लिए निर्धारित पर्यावरणीय और भूमि उपयोग नियमों का उल्लंघन करता है।
स्थानीय अधिकारियों को सूचित किया गया है और एनजीटी ने भूमि उपयोग और पर्यावरणीय प्रभाव का विस्तृत ऑडिट करने का आदेश दिया है। यदि अवैध गतिविधियाँ पुष्टि होती हैं, तो एफटीएल पर दंड लगाया जा सकता है।
इस घटना ने केरवा नदी के साथ तेजी से बढ़ती अवैध विकास पर प्रकाश डाला है, जिससे क्षेत्र में जल गुणवत्ता और बाढ़ प्रबंधन के बारे में चिंताएँ बढ़ रही हैं।
जांच में यह भी पता चला कि जलभराव वाली जमीन पर मुनारों के साथ सड़क बनाई गई है, जिसे किसी भी आधिकारिक अनुमति के बिना किया गया है। यह निर्माण केरवा नदी के संरक्षण के लिए निर्धारित पर्यावरणीय और भूमि उपयोग नियमों का उल्लंघन करता है।
स्थानीय अधिकारियों को सूचित किया गया है और एनजीटी ने भूमि उपयोग और पर्यावरणीय प्रभाव का विस्तृत ऑडिट करने का आदेश दिया है। यदि अवैध गतिविधियाँ पुष्टि होती हैं, तो एफटीएल पर दंड लगाया जा सकता है।
इस घटना ने केरवा नदी के साथ तेजी से बढ़ती अवैध विकास पर प्रकाश डाला है, जिससे क्षेत्र में जल गुणवत्ता और बाढ़ प्रबंधन के बारे में चिंताएँ बढ़ रही हैं।