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04 सित. 2026
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मक्खी के दिमाग के अध्ययन से मानव व्यवहार की समझ में नई रोशनी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / André Karwath aka Aka
विज्ञान

मक्खी के दिमाग के अध्ययन से मानव व्यवहार की समझ में नई रोशनी

✍️ Nagaland Post 🗓 04 सित. 2026, 03:03 PM 👁 5
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वैज्ञानिकों का मानना है कि फल मक्खी के न्यूरल सर्किट का अध्ययन मानव व्यवहार को समझने में मदद कर सकता है, जैसा कि नागालैंड पोस्ट ने बताया।

नागालैंड पोस्ट में प्रकाशित एक रिपोर्ट ने बताया कि न्यूरोसाइंटिस्ट अब फल मक्खी (ड्रोसोफिला मेलानोगास्टर) को मानव व्यवहार की जड़ें समझने के मॉडल के रूप में उपयोग कर रहे हैं। इस कीट का मस्तिष्क केवल कुछ हजार न्यूरॉनों से बना है, जिससे वैज्ञानिक न्यूरल मार्गों को बड़ी सटीकता से मैप कर सकते हैं, जो बड़े स्तनधारियों में कठिन होता है।

रिपोर्ट के अनुसार, फल मक्खी के न्यूरल सर्किट्री से प्राप्त अंतर्दृष्टि मानव में देखी जाने वाली जटिल निर्णय‑निर्धारण प्रक्रियाओं को समझाने में मदद कर सकती है। इंद्रियों से प्राप्त संकेतों का मोटर आउटपुट में रूपांतरण कैसे होता है, इसका अध्ययन करके वैज्ञानिक मूलभूत सिद्धांत खोजने की आशा रखते हैं, जो मानव मस्तिष्क में भी लागू होते हैं।

हालांकि रिपोर्ट में विशिष्ट प्रयोगों का उल्लेख नहीं है, यह वैज्ञानिक समुदाय की इस बात की पुष्टि करता है कि फल मक्खी जैसे मॉडल जीव व्यवहार के जैविक आधार को उजागर करने में महत्वपूर्ण हैं। नागालैंड पोस्ट ने संकेत दिया कि ऐसे तुलनात्मक अध्ययन भविष्य में न्यूरोलॉजिकल और साइकियाट्रिक रोगों के उपचार में योगदान दे सकते हैं।

यह कवरेज भारतीय और अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों में ड्रोसोफिला के जीनिक टूल्स का उपयोग करके सरल और जटिल तंत्रिका तंत्र के बीच के अंतर को पाटने के बढ़ते रुझान को दर्शाता है। जैसे-जैसे शोध आगे बढ़ेगा, यह साधारण फल मक्खी मानव व्यवहार विज्ञान के रहस्य को सुलझाने में एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती है।
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